ममता बनर्जी से पार्टी छीनने के लिए बस 19 सांसदों का समर्थन काफी है. यदि कल्याण बनर्जी और सयानी घोष भी इस पाले में शामिल हो जाते हैं तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि ममता दीदी के हाथ से टीएमसी का जाना निश्चित है.इस राजनीतिक स्थिति में बदलाव तेजी से संभव हो सकता है और पार्टी में गहराती दरारें दिखाई दे रही हैं.