ईरान की बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने क्षेत्रीय समीकरण बदल दिए हैं. जो देश पहले संवाद का रास्ता खोल रहे थे, अब वे दूरी बना रहे हैं. कतर, पाकिस्तान और ओमान जैसे देशों की भूमिका कमजोर पड़ती दिख रही है. विशेषज्ञ मानते हैं कि यह नीति आगे चलकर ईरान के लिए कूटनीतिक संकट खड़ा कर सकती है.