पिछले कई दिनों से भीषण लू और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से झुलस रहे उत्तर और मध्य भारत के लिए आखिरकार एक राहत भरी खबर आई है. लेकिन सवाल ये है कि क्या बरसेगा पानी? भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि एक बहुत ही शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है.
इस मौसमी बदलाव से उन करोड़ों लोगों में उम्मीद की नई किरण जगी है, जो पिछले कई हफ्तों से चिलचिलाती धूप और झुलसाने वाली रातों के कारण बेहाल हैं. मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस सिस्टम के सक्रिय होने से उत्तर भारत के कई हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी.
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INSAT-3DS सैटेलाइट की तस्वीरों में दिखा बादलों का बड़ा हुजूम
IMD द्वारा जारी की गई INSAT-3DS मौसम सैटेलाइट की थर्मल इन्फ्रारेड तस्वीरों (Thermal Infrared Imagery) ने इस बड़े मौसमी बदलाव की पुष्टि की है. तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि अफगानिस्तान, पाकिस्तान और उससे सटे उत्तर-पश्चिम भारत के आसमान पर बादलों का एक विशाल समूह और चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है. यह सिस्टम सैटेलाइट इमेज में घने सफेद बादलों की लंबी पट्टियों के रूप में दिखाई दे रहा है, जो धीरे-धीरे पूर्व की ओर यानी हिमालयी क्षेत्रों और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों की तरफ बढ़ रहा है.
'हीट ट्रैप' में फंसा भारत: क्यों खतरनाक हैं ये गर्म रातें?
पिछले कुछ दिनों से दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई शहर 'हीट ट्रैप' में फंसे हुए हैं. इन राज्यों में दिन का तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा रहा है. लेकिन इस बार सबसे चिंताजनक बात यह है कि न केवल दिन बल्कि रातें भी बेहद गर्म और दमनकारी हो गई हैं.
सूर्यास्त के बाद भी तापमान में कोई खास कमी नहीं आ रही है, जिससे लोगों को चौबीसों घंटे गर्मी झेलनी पड़ रही है. मौसम विज्ञानियों का कहना है कि ये असामान्य रूप से गर्म रातें मानव स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक होती हैं, क्योंकि लगातार उच्च तापमान के कारण मानव शरीर को खुद को ठंडा करने और रिकवर होने का समय ही नहीं मिल पाता है, जिससे हीट स्ट्रोक और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.
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किन राज्यों में होगी बारिश और कब मिलेगी राहत?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह नया पश्चिमी विक्षोभ अरब सागर से आ रही अत्यधिक नमी के साथ टकराएगा. इस टकराव के कारण वायुमंडल में भारी अस्थिरता पैदा होगी, जिससे धूल भरी आंधी, गरज-चमक, आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की पूरी संभावना है.
सबसे ज्यादा बादलों का घनत्व फिलहाल उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के ऊपर देखा जा रहा है. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में छिटपुट से लेकर मध्यम बारिश हो सकती है. कुछ मैदानी इलाकों में तेज धूल भरी आंधी और ओला गिरने की भी आशंका जताई गई है.
तापमान में आएगी गिरावट और मानसून के लिए अनुकूल संकेत
यद्यपि यह बारिश उत्तर भारत से गर्मी के मौसम को पूरी तरह से समाप्त नहीं करेगी, लेकिन यह तापमान में एक महत्वपूर्ण गिरावट जरूर लाएगी. विशेष रूप से, खतरनाक स्तर पर पहुंच चुके रात के तापमान में कमी आने से लोगों को उमस और बेचैनी से बड़ी राहत मिलेगी. इसके अतिरिक्त, इस सैटेलाइट तस्वीर से एक और अच्छी खबर सामने आई है.
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अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी हिस्से में भी बादलों के झुंड जमा होने लगे हैं. यह इस बात का संकेत है कि देश में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां धीरे-धीरे अनुकूल हो रही हैं. हालांकि, वैज्ञानिक यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि जलवायु परिवर्तन के कारण अब भारत में हीटवेव की अवधि लंबी और अप्रत्याशित होती जा रही है, जिससे निपटने के लिए दीर्घकालिक रणनीतियों की जरूरत है.
आजतक साइंस डेस्क