पहली बार स्पेस स्टेशन से टूटा NASA का संपर्क, डेढ़ घंटे परेशान रहे वैज्ञानिक-एस्ट्रोनॉट्स

नासा और स्पेस स्टेशन के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब दोनों का आपस में संपर्क टूटा है. कुछ मिनटों के लिए नहीं बल्कि डेढ़ घंटे के लिए. 90 मिनट तक स्पेस स्टेशन बिना ह्यूस्टन के संपर्क के अंतरिक्ष में तैरता रहा. इसकी वजह थी नासा मुख्यालय में अचानक बिजली का चले जाना. जिसे ठीक करने में इतना समय लग गया.

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25 जुलाई 2023 को नासा का संपर्क स्पेस स्टेशन से टूट गया था. (सभी फोटोः गेटी) 25 जुलाई 2023 को नासा का संपर्क स्पेस स्टेशन से टूट गया था. (सभी फोटोः गेटी)

aajtak.in

  • ह्यूस्टन,
  • 28 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 4:19 PM IST

ह्यूस्टन स्थित NASA के मुख्यालय में बिजली चली गई. अमेरिका में बिजली जाना आम बात नहीं है. वो भी ऐसी जगह जहां से पूरी दुनिया के साइंटिफिक रिसर्च चल रहे हों. इसकी वजह से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (International Space Station - ISS) का संपर्क नासा से टूट गया. एक-दो मिनट के लिए बल्कि पूरे डेढ़ घंटे के लिए. नासा और स्पेस स्टेशन के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब इनका संपर्क आपस में टूटा है. 

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स्पेस स्टेशन पहली बार 2009 में पूरी तरह से ऑपरेशनल हुआ था. तब से लेकर आज तक ऐसा नहीं हुआ कि ह्यूस्टन से उसका संपर्क टूटा हो. नासा के मुख्यालय में बिजली का बैकअप है. पूरा का पूरा बैकअप कंट्रोल सिस्टम है ताकि करीब 450 किलोमीटर ऊपर चक्कर लगा रहे स्पेस स्टेशन पर मौजूद एस्ट्रोनॉट्स से संपर्क साधा जा सके. 

बिजली जाने और संपर्क टूटने की घटना 25 जुलाई 2023 की है. 90 मिनट तक संपर्क टूटा रहा. इस दौरान नासा ने रूसी कम्यूनिकेशन सिस्टम के जरिए एस्ट्रोनॉट्स फ्रैंक रुबियो, वूडी होबर्ग और स्टीफन बोवन से संपर्क साधा. लेकिन अमेरिकी कम्यूनिकेशन सिस्टम काम नहीं कर रहा था. न ही बैकअप सपोर्ट मिल रहा था. 

रूसी अंतरिक्षयात्री भी मौजूद हैं स्पेस स्टेशन पर

स्पेस स्टेशन पर इस समय एक्पेडिशन 69 मौजूद है. इसमें रूसी कॉस्मोनॉट्स दिमित्री पेटेलिन, आंद्रे फेदीयेव और कमांडर सर्गेई प्रोकोपीव और संयुक्त अरब अमीरात के एस्ट्रोनॉट सुल्तान अलनेयादी भी शामिल हैं. 

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नासा मुख्यालय में स्पेस स्टेशन प्रोग्राम मैनेजर जोएल मोंटालबानो ने कहा कि ऊपर मौजूद लोगों के लिए संपर्क टूटना बड़ी मुसीबत नहीं थी. यह पूरी तरह से जमीन पर मौजूद लोगों के लिए दिक्कत थी. डेढ़ घंटे स्पेस स्टेशन पर किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई. न ही किसी एस्ट्रोनॉट को कोई खतरा था.  

टेलीमेट्री, कम्यूनिकेशन और कमांड हुआ था खत्म

जब बिजली गई तो नासा का स्पेस स्टेशन के साथ टेलीमेट्री, वॉयस कम्यूनिकेशन और कमांड खत्म हो गया था. बिजली जाने की वजह ये थी कि नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर में ग्राउंड पावर सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा था. हालांकि ये उम्मीद नहीं थी कि बिजली चली जाएगी. हालांकि बिजली जाने के 20 मिनट बाद ही नासा ने रूसी कम्यूनिकेशन सिस्टम के जरिए स्पेस स्टेशन पर मौजूद एस्ट्रोनॉट्स से संपर्क साध लिया था. 

जोएल ने बताया कि हमें पता है कि नासा मुख्यालय में बैकअप कमांड और कंट्रोल सिस्टम की मरम्मत चल रही है. अपग्रेडेशन हो रहा है. लेकिन हम अब ऐसी समस्या नहीं आने देंगे. क्योंकि अगर कभी मौसम की वजह से आपातकालीन स्थिति में सेंटर बंद करना पड़े तो भी स्पेस स्टेशन से संपर्क बना रहे. 

2031 को धरती पर गिरा दिया जाएगा स्पेस स्टेशन

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नासा की योजना है कि साल 2031 तक वह इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन को धरती पर गिरा देगा. क्योंकि वह अपनी उम्र पूरी कर चुका है. नासा ने भरोसा दिलाया है कि अब अगले कुछ सालों तक ऐसी दिक्कत न हो, इसलिए इस मामले की पूरी जांच की जाएगी. 

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