दुर्भाग्य से बचने का टोटका, स्पेन में मिली पुरुष जननांग की पत्थर से बनी सबसे बड़ी आकृति

स्पेन में कुछ दिन पहले एक प्राचीन रोमन साइट से पत्थर पर उकेरी गई एक आकृति मिली. यह अब तक मिले पुरुष प्रजनन अंग की कलाकृतियों में से सबसे बड़ी है. इसकी लंबाई 18 इंच है. एक्सपर्ट मानते हैं कि इसे इसलिए इतना बड़ा बनाया गया था ताकि दुर्भाग्य और बुरी ताकतें दूर रहें.

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नुएवा कार्तेया कस्बे में स्थित एल-हिगेरॉन नाम की जगह पर मिली है 18 इंच की ये आकृति. (फोटोः हिस्टोरिकल म्यूजियम ऑफ नुएवा कार्तेया) नुएवा कार्तेया कस्बे में स्थित एल-हिगेरॉन नाम की जगह पर मिली है 18 इंच की ये आकृति. (फोटोः हिस्टोरिकल म्यूजियम ऑफ नुएवा कार्तेया)

aajtak.in

  • नुएवा कार्तेया (स्पेन),
  • 08 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 5:30 PM IST

प्राचीन रोम में पुरुष प्रजनन अंग की बड़ी-बड़ी आकृतियां बनाई जाती थीं. मकसद था दुर्भाग्य और बुरी ताकतों को दूर भगाना. हाल ही में स्पेन में एक ऐसी कलाकृति मिली जो अब तक मिली इस तरह की कलाकृतियों में सबसे बड़ी है. इसकी लंबाई 18 इंच है. यह कलाकृति स्पेन के कोरडोबा जिले के नुएवा कार्तेया कस्बे में स्थित एल-हिगेरॉन नाम की जगह पर मिली है. 

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हिस्टोरिकल म्यूजियम ऑफ नुएवा कार्तेया ने इसे लेकर 19 अगस्त को एक फेसबुक पोस्ट भी डाला था. एल-हिगेरॉन नाम की जगह का इतिहास चौथी सदी ईसा पूर्व का है. यह असल में एक इबेरियन रिहायशी इलाका था. जिसे बाद में रोमन साम्राज्य के शासकों ने जीत लिया था. ये बात होगी कोई 206 ईसा पूर्व की. 

पुरुष प्रजनन अंग की इतनी बड़ी आकृति को देखने लोग पहुंच रहे हैं. (फोटोः हिस्टोरिकल म्यूजियम ऑफ नुएवा कार्तेया)

शोधकर्ताओं की माने तो तो पुरुष प्रजनन अंग की ये कलाकृति एक बड़े पत्थर पर बनाई गई है. जो किसी ऊंचे टॉवर का आधार है. प्राचीन रोमन संस्कृति में पुरुष प्रजनन अंग को फैली (Phalli) या फैलस (Phallus) कहा जाता था. इसे काफी इज्जत मिली थी. इसे दुर्भाग्य को भगाने वाला संकेत माना जाता था. इसलिए आपको प्राचीन रोमन कलाकृतियों में इसकी आकृतियां अक्सर देखने को मिल सकती हैं. 

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पुरुष प्रजनन अंग के इतने बड़े आकार की आकृति मिलने से शोधकर्ताओं में बहस छिड़ी है. क्योंकि यह आकार औसत से काफी ज्यादा बड़ा है. स्पेन की यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सट्रेमादुरा के आर्कियोलॉजिस्ट आंद्रे रोल्दान डियाज ने कहा कि यह आकृति उम्मीद से ज्यादा बड़ी है. हम यह जांच कर रहे हैं कि क्या इतनी बड़ी आकृति वाली कोई अन्य कलाकृति कहीं और मिली है या नहीं. इससे उस समय की मानसकिता का पता चलेगा. 

आंद्रे ने बताया कि अब तक मिले सारे पुरुष प्रजनन अंगों में से यह सबसे बड़ी कलाकृति है. यूके स्थित द ओपन यूनिवर्सिटी के डॉक्टोरल कैंडिडेट एडम पार्कर कहते हैं कि पुरुष प्रजनन अंग की आकृति को प्राचीन रोमन साम्राज्य में इमारतों के बाहरी दीवारों, दरवाजों या खंभों पर उकेरा जाता था. क्योंकि रोमन ये मानते थे कि अगर यह आकृतियां नहीं बनाई जाएंगी तो इमारत परालौकिक शक्तियों के हमले की शिकार हो सकती थी. आमतौर पर यह सार्वजनिक स्थानों पर बनाए जाते थे, जहां पर बड़ी मात्रा में लोग मिलने, बैठक करने या चर्चा करने आते थे.  

रोमन साम्राज्य में कई बार लोग अपनी ताकत को बढ़ाने के लिए फैलस के पेंडेंट भी पहनते थे. इंग्लैंड स्थित एक मेटल डिटेक्टोरिस्ट ने चांदी का सिल्वर पेनिस पेंडेंट खोजा था. जिसे कोई रईस इंसान पहनता रहा होगा. हालांकि अभी तक यह नहीं पता चला है कि अब तक इस तरह की कितनी आकृतियां मिली या खोजी गई हैं. लेकिन एक अंदाजे के अनुसार सिर्फ इंग्लैंड में 92 पुरुष प्रजनन अंग की कलाकृतियां मिल चुकी हैं. 

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सिर्फ इमारतें ही नहीं, कई बार इन आकृतियों को मील के पत्थरों पर उकेरा जाता था. कई बार जानवरों की हड्डियों से इनकी आकृतियां बनाई जाती थीं, जिसमें पंख लगाए जाते थे. इनका कोई फायदा नहीं था. कुछ महीनों पहले यूके के हैड्रियन्स वॉल पर एक रोमन ग्रैफिटी मिली थी, जो एक पुरुष प्रजनन अंग की थी.  

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