भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस बार गर्मी पहले से ज्यादा तीखी पड़ रही है. आज से उत्तर भारत में हीट वेव का नया स्पेल शुरू हो रहा है. दिल्ली में अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंचने की संभावना है. कई जगहों पर तापमान 45 डिग्री पार कर सकता है.
IMD ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में अगले 4-5 दिनों तक हीट वेव से लेकर गंभीर हीट वेव की चेतावनी जारी की है. न्यूनतम तापमान भी 25-28 डिग्री के आसपास रहने से रातें भी गर्म रहेंगी, जिससे लोगों को राहत नहीं मिलेगी.
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IMD हीट वेव की घोषणा दो आधारों पर करता है...
पहला - जब मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा हो और सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री ज्यादा हो तो हीट वेव मानी जाती है. अगर तापमान सामान्य से 6.5 डिग्री या उससे ज्यादा ऊपर हो तो इसे गंभीर हीट वेव कहते हैं.
दूसरा - अगर तापमान 45 डिग्री या उससे ज्यादा पहुंच जाए तो सीधे हीट वेव घोषित कर दी जाती है. 47 डिग्री या उससे ऊपर होने पर गंभीर हीट वेव मानी जाती है. इस समय उत्तर और मध्य भारत में ये स्थितियां बन रही हैं क्योंकि उच्च दबाव वाले क्षेत्र (Anti-Cyclonic Circulation) की वजह से गर्म और सूखी हवाएं चल रही हैं. आसमान साफ है और नमी कम है.
क्या कारण हैं इस बार की तेज गर्मी के?
वैज्ञानिकों के अनुसार, हीट वेव तब बनती है जब गर्म, सूखी हवाएं किसी क्षेत्र में आती हैं. ऊपरी वायुमंडल में नमी कम होती है और आसमान में बादल नहीं होते. इस बार एंटी-साइक्लोनिक फ्लो और कम नमी की वजह से तापमान तेजी से बढ़ रहा है. जलवायु परिवर्तन के कारण हीट वेव की संख्या, तीव्रता और समय बढ़ रही है.
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IMD के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले वर्षों में मई में हीट वेव के दिन बढ़े हैं. शहरी क्षेत्रों में अर्बन हीट आइलैंड प्रभाव भी तापमान बढ़ा देता है क्योंकि कंक्रीट और पक्की सड़कें गर्मी सोख लेती हैं और रात में छोड़ती हैं.
दक्षिण भारत में बारिश का अलर्ट
देश के मौसम में दो अलग-अलग तस्वीरें दिख रही हैं. जबकि उत्तर भारत जल रहा है, दक्षिण भारत में IMD ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों में आंधी, बिजली और तेज बारिश की संभावना है. कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश भी हो सकती है.
यह अंतर इसलिए है क्योंकि उत्तर में उच्च दबाव है तो दक्षिण और पूर्वोत्तर में निम्न दबाव प्रणालियां सक्रिय हैं जो नमी भरी हवाएं ला रही हैं. हीट वेव से डिहाइड्रेशन, हीट एक्जॉर्शन, हीट स्ट्रोक और अन्य बीमारियां बढ़ सकती हैं. खासकर बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग ज्यादा जोखिम में हैं.
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IMD और स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाहर कम निकलें, ढेर सारा पानी पिएं, हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें और ठंडी चीजें खाएं. पशु-पक्षियों के लिए भी पानी रखें.
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, यह हीट वेव कुछ दिनों तक जारी रह सकती है. इसके बाद मानसून से राहत मिलने की उम्मीद है, वैज्ञानिक लगातार निगरानी कर रहे हैं क्योंकि जलवायु परिवर्तन के दौर में ऐसे एक्स्ट्रीम मौसम की घटनाएं बढ़ रही हैं. IMD और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों को गंभीरता से लें. खुद को तथा अपने परिवार को गर्मी से बचाएं. गर्मी अब केवल मौसम नहीं, बल्कि एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती भी बन चुकी है.
ऋचीक मिश्रा