Water Tank Direction Vastu: कभी नहीं घटेगा बैंक बैलेंस! छत पर इस जगह रखें पानी की टंकी

Pani Tanki Vastu: घर की छत पर पानी की टंकी गलत दिशा में रखने से वास्तु दोष लग सकता है, जिससे कंगाली और बीमारियां घेर सकती हैं. जानें ओवरहेड वॉटर टैंक रखने की सही दिशा और जरूरी नियम.

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छत पर पानी की टंकी रखने की सबसे उत्तम दिशाएं छत पर पानी की टंकी रखने की सबसे उत्तम दिशाएं

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 4:59 PM IST

Pani Tanki Vastu: वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में उपयोग होने वाली हर एक वस्तु और उसकी सही दिशा का सीधा असर हमारे जीवन, सेहत और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है.  इसी तरह घर की छत पर रखी पानी की टंकी (Overhead Water Tank) की प्लेसमेंट भी बहुत महत्वपूर्ण होती है. यदि टंकी गलत दिशा में स्थापित हो जाए, तो घर में गंभीर वास्तु दोष उत्पन्न हो जाता है, जिसके परिणामस्वरूप तरक्की में रुकावटें, कर्ज का बोझ और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां घेर सकती हैं. आइए समझते हैं कि छत पर पानी की टंकी किस दिशा में लगानी चाहिए और किन जगहों पर इसे रखने से बचना चाहिए. 

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छत पर पानी की टंकी रखने की सबसे उत्तम दिशाएं
दक्षिण-पश्चिम दिशा (नैऋत्य कोण): वास्तु के अनुसार, छत पर ओवरहेड वॉटर टैंक स्थापित करने के लिए इस दिशा को सबसे श्रेष्ठ माना गया है. इस कोने में भारी वस्तुएं या वजन रखना बेहद शुभ फलदायी होता है, जिससे घर में स्थिरता आती है, इससे आर्थिक तंगी दूर होकर धन-दौलत मजबूत होती है. 

पश्चिम दिशा: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार पश्चिम दिशा को जल के देवता वरुण देव का स्थान माना गया है.  इसलिए पश्चिम या पश्चिम-दक्षिण (वेस्ट-साउथ) की दिशा में भी टंकी रखना बेहद लाभकारी होता है. 

इन दिशाओं में भूलकर भी न लगाएं पानी की टंकी
ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा): घर का यह कोना बेहद पवित्र और देवी-देवताओं का स्थान माना जाता है. वास्तु के नियमों के अनुसार यह दिशा हमेशा हल्की और एकदम साफ-सुथरी होनी चाहिए. अगर आप इस दिशा में भारी पानी की टंकी रख देते हैं, तो यह बहुत बड़ा वास्तु दोष पैदा करता है. इससे परिवार के सदस्यों को भयंकर मानसिक तनाव, कर्ज और लगातार स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. 

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अग्नि कोण (दक्षिण-पूर्व दिशा): यह दिशा मुख्य रूप से अग्नि तत्व से जुड़ी हुई है.  जल और अग्नि का मिलन आपस में पूरी तरह विरोधी स्वभाव का माना जाता है.  इस दिशा में पानी की टंकी होने से घर में क्लेश, दुर्घटनाओं की आशंका और अनावश्यक धन हानि जैसी समस्याएं खड़ी हो सकती हैं. 

ब्रह्मस्थान (छत या घर का बिल्कुल मध्य भाग): घर या छत के बिल्कुल बीचों-बीच यानी ब्रह्मस्थान पर कभी भी पानी की टंकी नहीं रखनी चाहिए. इसे सबसे अशुभ माना गया है, जिसके प्रभाव से जीवन में भारी उथल-पुथल, रुकावटें और बड़े संकट आ सकते हैं. 

उत्तर-पश्चिम दिशा (वायव्य कोण): इस दिशा में बहुत बड़े आकार की टंकी रखने से हमेशा बचना चाहिए.  यदि किसी मजबूरी के कारण यहां टंकी रखनी भी पड़े, तो उसका साइज छोटा होना चाहिए . उसे दीवार या कोने से थोड़ा हटकर स्थापित किया जाना चाहिए.

ध्यान रखने योग्य कुछ अन्य जरूरी वास्तु टिप्स:
पानी का रिसाव (Leakage): इस बात का विशेष ख्याल रखें कि छत पर रखी टंकी या उसके नलों से लगातार पानी टपकता या लीक न हो रहा हो. पानी का बेवजह बहना या टपकना फिजूलखर्ची, बरकत रुकने और भयंकर आर्थिक तंगी का साफ संकेत माना जाता है.


अंडरग्राउंड वॉटर टैंक (भूमिगत टंकी): यदि आप घर के आंगन या बेसमेंट में जमीन के नीचे पानी की टंकी बनवा रहे हैं, तो इसके लिए उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) या उत्तर दिशा को सबसे उत्तम माना गया है. ध्यान रखें कि अंडरग्राउंड टैंक को कभी भी दक्षिण-पश्चिम दिशा में नहीं बनवाना चाहिए.

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