Roti Vastu Tips: क्या आपके घर में भी गिनकर बनती हैं रोटियां? जानें रसोई के वास्तु नियम

Roti Vastu Tips: अक्सर घरों में रोटियां गिनकर बनाई जाती हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार रसोई की यह एक छोटी सी चूक घर की बरकत छीन सकती है और राहु-केतु के अशुभ प्रभाव को बढ़ा सकती है. तो जानते हैं इसके पीछे की बड़ी वजह और रसोई के जरूरी नियम.

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रोटी वास्तु टिप्स (Photo: Pixabay) रोटी वास्तु टिप्स (Photo: Pixabay)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:33 AM IST

Roti Vastu Tips: वास्तु शास्त्र और सनातन परंपरा में रसोई घर को घर का सबसे पवित्र स्थान माना गया है, क्योंकि इसका सीधा संबंध हमारी सेहत, मानसिक शांति और आर्थिक उन्नति से होता है. अक्सर घरों में देखा जाता है कि महिलाएं या खाना बनाने वाले सदस्य घर के लोगों की गिनती के हिसाब से गिनकर रोटियां बनाते हैं. जैसे, 'घर में चार लोग हैं, तो आठ या दस रोटियां काफी होंगी.' लेकिन क्या आप जानते हैं कि वास्तु शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र में रोटियां गिनकर बनाना बेहद अशुभ माना गया है.

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जी हां, रसोई घर में की गई यह छोटी सी चूक आपके पूरे परिवार की सुख-समृद्धि, सेहत और आर्थिक स्थिति पर भारी पड़ सकती है. आइए जानते हैं कि वास्तु के अनुसार रोटियां गिनकर क्यों नहीं बनानी चाहिए और इसके पीछे क्या वजह है.

क्यों गिनकर नहीं बनानी चाहिए रोटी?

मां अन्नपूर्णा और लक्ष्मी जी का होता है अनादर

हिंदू धर्म में भोजन को ब्रह्म माना गया है और रसोई को मां अन्नपूर्णा का रूप. जब हम रोटियां बिल्कुल नाप-तोल कर या उंगलियों पर गिनकर बनाते हैं, तो यह हमारी मानसिक सोच को दर्शाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, भोजन को सीमित या बांधकर बनाने से मां अन्नपूर्णा और धन की देवी लक्ष्मी नाराज होती हैं, जिससे घर की बरकत चली जाती है.

राहु-केतु का अशुभ प्रभाव

वास्तु शास्त्र के मुताबिक, जब हम रोटियों को बहुत ज्यादा नाप-तोल कर या गिनकर बनाते हैं, तो इससे कुंडली में राहु और केतु की स्थिति खराब होने लगती है. दरअसल, राहु का संबंध दिमागी तनाव और केतु का संबंध अचानक आने वाली बाधाओं से है. गिनकर रोटियां बनाने से घर में मानसिक अशांति का माहौल बनने लगता है और परिवार के सदस्यों के बीच अकारण ही मतभेद होने लगते हैं.

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सेहत पर पड़ता है सीधा असर

वास्तु के अनुसार, गिनकर बनाई गई रोटियां खाने से परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. ऐसी रोटियां शरीर को पूरा पोषण नहीं देतीं और घर में कोई न कोई सदस्य लगातार बीमार रहने लगता है.

मेहमानों का अनादर

भारतीय संस्कृति में 'अतिथि देवो भव:' की परंपरा है. अगर आप हमेशा गिनकर ही रोटियां बनाएंगे, तो अचानक किसी मेहमान या भूखे व्यक्ति के घर आने पर आपके पास भोजन कम पड़ जाएगा. किसी आए हुए व्यक्ति को भोजन न दे पाना या भोजन की कमी होना सबसे बड़ा दोष माना जाता है, जिससे मां लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं.

रसोई से जुड़े अचूक नियम

हमेशा 4 से 5 रोटियां ज्यादा बनाएं- घर में जितने सदस्यों की खुराक हो, उससे हमेशा 4-5 रोटियां एक्स्ट्रा ही सेंकनी चाहिए.

पहली रोटी गाय की- तवे पर बनने वाली पहली रोटी हमेशा गाय के लिए निकालनी चाहिए. इस रोटी में थोड़ा सा घी और गुड़ या चीनी रखकर गाय को खिलाएं. इससे सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद मिलता है.

आखिरी रोटी कुत्ते की- रसोई में बनने वाली आखिरी रोटी हमेशा कुत्ते के लिए होनी चाहिए. लाल किताब और ज्योतिष के अनुसार, कुत्ते को रोटी खिलाने से शनि, राहु और केतु के सारे दोष दूर होते हैं.

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बासी आटे का इस्तेमाल न करें- कई बार लोग रात का बचा हुआ आटा फ्रिज में रख देते हैं और सुबह उसकी रोटियां बनाते हैं. वास्तु और सेहत, दोनों ही लिहाज से इसे बिल्कुल गलत माना गया है. बासी आटे में नकारात्मक ऊर्जा (राहु का वास) पनपने लगती है.

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