Roti Vastu Tips: वास्तु शास्त्र और हिंदू परंपराओं में रोटी परोसने के तरीकों और नियमों को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) और बरकत बनी रहती है. रोटी परोसने को लेकर वास्तु शास्त्र के मुख्य नियम इस प्रकार हैं.
किस हाथ से परोसनी चाहिए रोटी?
वास्तु शास्त्र और सनातन संस्कृति के अनुसार, रोटी हमेशा सीधे हाथ (Right Hand) से ही परोसनी चाहिए. बल्कि कभी भी सिर्फ बाएं (उल्टे) हाथ से रोटी या कोई भी खाद्य पदार्थ नहीं परोसना चाहिए. बाएं हाथ से परोसा गया भोजन नकारात्मक ऊर्जा लाता है और इसे अन्न का अनादर माना जाता है.
दोनों हाथों का उपयोग
सबसे उत्तम तरीका यह है कि आप भोजन की थाली या बर्तन को दोनों हाथों से सम्मानपूर्वक पकड़ें और फिर दाहिने (सीधे) हाथ से रोटी परोसें.
अन्न को भगवान का दर्जा (अन्नं ब्रह्म)
हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि, 'अन्नं ब्रह्म रसम् विष्णुः भोक्ता देवो महेश्वरः" यानी अन्न साक्षात ब्रह्म (भगवान) है. जब हम किसी को भोजन परोस रहे हैं, तो हम केवल एक शारीरिक क्रिया नहीं कर रहे, बल्कि एक यज्ञ (जठराग्नि यज्ञ) के लिए आहुति दे रहे हैं. भगवान को कोई भी चीज अर्पित करते समय या किसी को दान देते समय हमेशा सीधे हाथ का ही उपयोग किया जाता है। इसलिए, अन्न का सम्मान करने के लिए सीधे हाथ से परोसना अनिवार्य है.
दोनों हाथों का उपयोग क्यों है सबसे उत्तम?
अहंकार की मुक्ति
जब आप दोनों हाथों से थाली या बर्तन थामते हैं, तो आपकी शारीरिक मुद्रा (Posture) झुकती है. यह मुद्रा सम्मान और सेवा भाव को दर्शाती है. इससे परोसने वाले का अहंकार खत्म होता है.
रिश्तों में प्रेम
आदरपूर्वक परोसा गया भोजन खाने वाले के मन को तृप्त करता है, जिससे परिवार के सदस्यों के बीच आपसी प्रेम और तालमेल बढ़ता है. वास्तु में माना जाता है कि जिस घर में प्रेम से भोजन परोसा जाए, वहां गृह क्लेश नहीं होता है.
बाएं (उल्टे) हाथ से परोसने के नुकसान
वास्तु शास्त्र के अनुसार, अनजाने में या आलस में सिर्फ बाएं हाथ से रोटी उठाकर थाली में डाल देने से घर के वास्तु पर सीधा असर पड़ता है:
बरकत का जाना
ऐसा करने से अन्नपूर्णा देवी नाराज होती हैं, जिससे घर में 'अन्न दोष' लगता है और धीरे-धीरे घर की बरकत (Prosperity) कम होने लगती है.
मानसिक तनाव
माना जाता है कि उल्टे हाथ से परोसा गया भोजन खाने वाले के मन में नकारात्मक विचार पैदा करता है और परिवार में चिड़चिड़ापन बढ़ता है.
एक छोटा सा नियम जो बदल देता है घर का माहौल
वास्तु शास्त्र कहता है कि भोजन बनाते समय और परोसते समय आपके मन के भाव बहुत मायने रखते हैं. यदि आप मुस्कुराते हुए, शुद्ध मन से और अपने दाहिने हाथ का नियम अपनाकर भोजन परोसते हैं, तो वह भोजन केवल पेट नहीं भरता, बल्कि दवा की तरह काम करता है और घर में सुख-समृद्धि लाता है.
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