Shani Gochar 2026: कुंभ राशि पर साढ़ेसाती का आखिरी चरण, 3 जून 2027 तक रहना होगा सावधान!

Shani Gochar 2026: ज्योतिषियों के मुताबिक, कुंभ राशि के लिए शनि की साढ़ेसाती का आखिरी दौर बहुत ही खतरनाक साबित हो सकता है. 3 जून 2027 तक लिया गया हर फैसला भविष्य पर असर डालेगा, इसलिए जल्दबाजी और गलत आदतों से बचना बेहद जरूरी है.

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शनि की साढ़ेसाती (Photo: ITG) शनि की साढ़ेसाती (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 7:38 AM IST

Shani Gochar 2026: कुंभ राशि के जातकों के लिए इस समय शनि की साढ़ेसाती का अंतिम और तीसरा चरण चल रहा है. ज्योतिष शास्त्र में शनि की साढ़ेसाती के आखिरी चरण को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि जाते-जाते शनि देव जातकों को उनके कर्मों का पूरा हिसाब-किताब देकर जाते हैं.

चूंकि 3 जून 2027 को शनि देव मीन राशि को छोड़कर मेष राशि में प्रवेश कर जाएंगे, तब जाकर कुंभ राशि वालों को साढ़ेसाती से पूरी तरह मुक्ति मिलेगी. इस समय में यानी जून 2027 तक कुंभ राशि के जातकों को अपनी आदतों और फैसलों में विशेष सावधानी बरतनी होगी. आइए जानते हैं कि 3 जून 2027 तक आपको भूलकर भी कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए.

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अंतिम चरण में क्या देती है साढ़ेसाती?

ज्योतिषियों की मानें तो, शनि की साढ़ेसाती का तीसरा चरण केवल परेशानियां नहीं देता है, बल्कि जाते-जाते यह जातकों को सोने की तरह तपाकर शुद्ध कर देता है. इस दौरान आपको अपनी पुरानी गलतियों से सीखने का मौका मिलता है. यदि आप अनुशासित रहते हैं, तो 3 जून 2027 के बाद आपके जीवन में स्थिरता, तरक्की और मानसिक शांति का एक नया दौर शुरू होगा.

कौन सी गलतियों से सावधान रहना होगा?

शॉर्टकट और अनैतिक कार्यों से बचें

शनि देव न्याय के देवता हैं. साढ़ेसाती के अंतिम चरण में वे परीक्षा लेते हैं. इस दौरान शॉर्टकट से धन कमाने की कोशिश, जुआ, सट्टा या किसी भी तरह के अनैतिक व गैर-कानूनी काम में शामिल होने की गलती न करें. ऐसा करने पर शनि देव का भारी दंड भुगतना पड़ सकता है और जमा-पूंजी भी नष्ट हो सकती है.

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कमजोर और जरूरतमंदों का अपमान न करें

अपने से छोटे कर्मचारियों, मजदूरों या असहाय लोगों का कभी भी मजाक न उड़ाएं और न ही उनका हक मारें. शनि देव इन वर्गों का प्रतिनिधित्व करते हैं. यदि आप इनका दिल दुखाते हैं, तो अंतिम चरण में शनि देव आपके बने-बनाए काम बिगाड़ सकते हैं.

अहंकार और कटु वचनों से दूरी बनाएं

साढ़ेसाती के प्रभाव से कभी-कभी स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ जाता है. जून 2027 तक आपको अपने व्यवहार और वाणी पर कड़ा नियंत्रण रखना होगा. किसी को भी अपशब्द बोलने या अहंकार दिखाने से आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंच सकती है और करीबी रिश्ते टूट सकते हैं.

कर्ज लेने और बड़े निवेश में जल्दबाजी न करें

अंतिम चरण में आर्थिक मामलों को लेकर बेहद गंभीर रहें. बिना सोचे-समझे किसी को बड़ा कर्ज न दें और न ही खुद भारी कर्ज के जाल में फंसें. प्रॉपर्टी या शेयर बाजार में कोई भी बड़ा निवेश करने से पहले अनुभवी लोगों की सलाह जरूर लें, जल्दबाजी में लिया गया फैसला नुकसानदेह साबित हो सकता है.

स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही

साढ़ेसाती का आखिरी चरण मानसिक तनाव और शारीरिक थकान दे सकता है. पैरों, घुटनों या हड्डियों से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज न करें. वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखें और पूरी सावधानी बरतें.

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शुभ फल पाने के लिए सरल उपाय

शनिवार के नियम: प्रति शनिवार पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएं.

हनुमान जी की शरण: नियमित रूप से हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें. हनुमान जी के भक्तों को शनि देव कभी प्रताड़ित नहीं करते.

दान धर्म: शनिवार के दिन काली उड़द, काले तिल या छाते का दान किसी जरूरतमंद को करें.

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