रसोई अग्नि कोण में है और मंदिर ईशान कोण में. घर का प्रवेश द्वार भी अच्छा है. घर की मुख्य चीजें वास्तुनुरूप हैं, फिर भी जीवन में परेशानियां खत्म नहीं हो रही हैं. ऐसे में संभवत: इसका कारण आपके घर की गंदगी, चीजों पर जमी धूल-मिट्टी और अव्यवस्थित चीजें से पैदा होने वाला वास्तु दोष हो. घर की ऊर्जा को बेहतर बनाए रखने के लिए घर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण होता है.
भारतीय वास्तु शास्त्र और पारंपरिक घरेलू ज्ञान में घर की स्वच्छता को केवल शारीरिक सफाई नहीं, बल्कि ऊर्जा संतुलन का महत्वपूर्ण हिस्सा भी माना गया है. घर में रखी वस्तुएं, उनकी दिशा और उनकी देखभाल का तरीका वातावरण पर सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव डालती हैं. अग्नि कोण में रसोई है, लेकिन गैस के नीचे गंदगी जमी है तो आपको अग्नि तत्व के बेहतर परिणाम नहीं मिल सकते. ईशान कोण के मंदिर में आप दीपक को हर रोज प्रज्ज्वलित करते हैं, लेकिन वहीं की धूल को साफ नहीं करते तो बुद्धि हमेशा खराब ही रहेगी.
तौलिये, चादर, बिस्तर में गंदगी का प्रभाव
घर में सिलवट वाले बिखरे कपड़े राहु का नकारात्मक परिणाम देते हैं. इसलिए घर में कपड़ों को हमेशा तह लगाकर सलीके से अलमारी में रखें. कई दिन तक गंदे तौलिये का प्रयोग करना भी राहु की नकारात्मकता को बढ़ाता है. यदि आप सुबह उठकर अपनी चादर या कम्बल की तह बनाकर नहीं रखते और बिस्तर हमेशा गंदा रहता है तो इससे बृहस्पति ग्रह का शुभ परिणाम नहीं मिलता. बिस्तर पर बैठकर भोजन करने से भी बृहस्पति ग्रह के नकारात्मक प्रभाव बढ़ जाते हैं. आपके स्नान घर की स्थिति आपके चंद्रमा की स्थिति को दर्शाती है. यदि नहाने का स्थान गंदा है तो यह चंद्रमा यानी आपके मन पर नकारात्मक प्रभाव डालता है. इसलिए वास्तु के अनुसार सिर्फ निर्माण ही नहीं घर की ऊर्जाओं को संतुलित और सकारात्मक रखने के लिए घर में साफ सफाई का भी ध्यान रखें.
मकड़ी के जाले
मकड़ी के जाले को वास्तु शास्त्र में नकारात्मक संकेत के रूप में देखा जाता है. इसे लंबे समय से रुकी हुई ऊर्जा और उपेक्षा का प्रतीक माना जाता है. घर के कोनों या छत पर जाले जमा होना यह दर्शाता है कि उस स्थान की सफाई और देखभाल नहीं हो रही है. ऐसे जाले घर में मानसिक बोझ, बाधाओं और आर्थिक रुकावटों का संकेत दे सकते हैं.
सकारात्मक दृष्टि से देखा जाए तो स्वच्छता घर में ताजगी, ऊर्जा और अनुशासन लाती है. साफ-सुथरा वातावरण बच्चों की एकाग्रता बढ़ाता है. परिवार के सदस्यों के बीच सौहार्द बनाए रखता है और मानसिक शांति प्रदान करता है. वहीं गंदगी और अव्यवस्था नकारात्मक सोच, थकान और असंतोष को जन्म दे सकती है.
अंशु पारीक