26 मई को ज्येष्ठ का चौथा बड़ा मंगल है. सनातन परंपरा में जेष्ठ के बड़े मंगल का विशेष महत्व बताया गया है. यह दिन भगवान हनुमान की आराधना के लिए बेहद शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, त्रेतायुग में ही ज्येष्ठ माह के मंगलवार को राम और हनुमान पहली बार मिलन हुआ था. इसी कारण इस महीने के मंगलवार को विशेष रूप से बजरंगबली की पूजा के लिए समर्पित माना जाता है. आइए जानते हैं कि बड़े मंगल पर बजरंगबली की पूजा का क्या विधान है.
बड़ा मंगल पर कैसे करें पूजा?
बड़े मंगल के दिन सुबह स्नान के बाद हनुमान जी की विधिवत पूजा करें. बजरंगबली को रोली और चंदन का तिलक लगाकर लाल पुष्प और तुलसी दल अर्पित करें. कई भक्त इस दिन हनुमान जी को लाल चोला भी चढ़ाते हैं. इसके लिए चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर उसका लेप बजरंगबली की प्रतिमा पर लगाया जाता है.
पूजा के दौरान बजरंगबली को हलवा पूरी, रोट या अन्य मीठे पकवान का भोग लगाया जाता है. इसके बाद जरूरतमंद लोगों में प्रसाद, शीतल जल और भोजन बांटना पुण्यकारी माना गया है. पूजा के बाद वहीं बैठकर हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है. इसलिए कोई एक पाठ जरूर कर लें.
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04. 03 बजे से सुबह 04.44 बजे तक
अभिजीत मुहू्र्त- सुबह 11.51 बजे से दोपहर 12.46 बजे तक
संध्याकाल मुहूर्त- शाम 07.11 बजे से रात 08.33 बजे तक
बड़े मंगल पर न करें ये गलतियां
1. इस दिन किसी को पैसा उधार देने से बचने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि ऐसे में धन वापसी में परेशानी हो सकती है.
2. उत्तर दिशा की यात्रा को इस दिन शुभ नहीं माना गया है. यदि यात्रा जरूरी हो तो घर से निकलने से पहले गुड़ खाकर जाना शुभ माना जाता है.
3. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस दिन क्रोध, कटु वचन और विवाद से दूर रहना चाहिए.
4. बड़े मंगल पर मांसाहार, मदिरा, अंडा और अधिक नमक वाले भोजन से परहेज करने की सलाह दी जाती है. धार्मिक मान्यता है कि सात्विक आचरण रखने से हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है.
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