राजस्थान पेपर लीक मामले में पुलिस जमकर कर रही छापेमारी, मास्टरमाइंड भूपेंद्र सरन के रैकेट का खुलासा

राजस्थान पुलिस को जानकारी मिली कि सेकेंड ग्रेड शिक्षक पेपर लीक मामले में मास्टरमाइंड भूपेंद्र सरन राजस्थान और पड़ोसी राज्य में फर्जी डिग्री रैकेट चलाता था. पुलिस ने भूपेंद्र सरन की प्रेमिका प्रियंका के घर पर छापा मारा और उसके कब्जे से कई फर्जी डिग्रियां बरामद कीं.

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राजस्थान पेपर लीक मामले में पुलिस कर रही जमकर छापेमारी राजस्थान पेपर लीक मामले में पुलिस कर रही जमकर छापेमारी

aajtak.in

  • जयपुर,
  • 28 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 6:45 AM IST

राजस्थान में सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर लीक मामला कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है. इसे लेकर पुलिस प्रशासन भी एक्शन मोड में काम कर रहा है. पुलिस को जानकारी मिली कि सेकेंड ग्रेड शिक्षक पेपर लीक मामले में मास्टरमाइंड भूपेंद्र सरन राजस्थान और पड़ोसी राज्य में फर्जी डिग्री रैकेट संचालित करता था. 

भूपेंद्र सरन जयपुर से है और फिलहाल फरार चल रहा है. मंगलवार को उदयपुर पुलिस के साथ जयपुर सिटी पुलिस ने भूपेंद्र सरन की प्रेमिका प्रियंका के घर पर छापा मारा और उसके कब्जे से कई फर्जी डिग्रियां बरामद कीं. राजस्थान के एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने भी पुष्टि की है कि सामान्य ज्ञान का ग्रुप ए का पेपर भी लीक हो गया है.

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एग्जाम शुरू होने से ठीक पहले ही लीक हो गया पेपर

बता दें कि परीक्षा से ठीक पहले ही पेपर लीक हो गया था. इस परीक्षा देने के लिए दूर-दराज से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी कड़ाके की सर्दी में एग्जाम सेंटर तक पहुंच चुके थे. अभ्यर्थियों को परीक्षा हॉल में प्रवेश भी दे दिया गया था तब तक पेपर लीक की खबर आई और राजस्थान लोक सेवा आयोग ने परीक्षा रद्द करने का ऐलान कर दिया. 

पेपर लीक मुद्दे पर राज्य में घिर रही गहलोत सरकार

इस मामले को लेकर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो व नागौर से लोकसभा सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी मंगलवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से एक-एक करके दस सवाल ट्वीट करके पूछे. सांसद ने पेपर लीक मामलो में सीएमओ में लंबे समय तक कार्यरत रहे पंजाब कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अमित ढाका और मुख्यमंत्री के ओएसडी देवाराम सैनी को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए.

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हनुमान बेनीवाल ने उठाए ये सवाल-

1- क्या पंजाब कैडर के IAS अधिकारी अमित ढाका को पंजाब से यहां पेपर आउट करवाने की चेन बनाने और ऐसे गिरोह को पनपाने के लिए लाया गया है?

2-वरिष्ठ अध्यापक पेपर लीक प्रकरण के आरोपी सुरेश ढाका और सीएमओ में तीन वर्षो से अधिक समय तक कार्यरत रहे अमित ढाका के संबंधों की जांच कब करवाओगे? क्योंकि यह सुरेश ढाका स्वयं को अमित ढाका का भाई बताकर और खुद को सीएमओ का आदमी बताकर हर जगह रौब झाड़ता था और इस एंगल से ही इसने भर्ती परीक्षाओं के पेपर करवाने वाली संस्थाओं और अफसरों से मिलीभगत कर रखी थी.

3-रीट प्रकरण में राज्य सरकार के मंत्री सुभाष गर्ग और मुख्यमंत्री के ओएसडी देवाराम सैनी पर भी आरोप लगे. चुंकि सुभाष गर्ग स्वयं माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष रह चुके हैं और इनके इशारे पर ही डीपी जारोली को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया और रीट पेपर प्रकरण में जारोली को बर्खास्त किया गया और मंत्री गर्ग ने ही जारोली को एसओजी से क्लीन चिट दिलवाई, अगर जारोली सही थे उन्हें बर्खास्त क्यों किया?
 
4- क्या जारोली को क्लीन चिट इसलिए तो नहीं दिलवाई गई कि कहीं वो उन नेताओं और अधिकारियो के नाम उजागर नहीं कर दे जिनके नाम रीट पेपर आउट करवाने में सामने आए?

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5- रीट मामले में आरोपी रामकृपाल मीणा के स्कूल को तोड़ा गया, बाकी आरोपियों की प्रोपर्टियों को क्यों नही तोड़ा गया?

6- कांस्टेबल पेपर लीक प्रकरण में कांग्रेसी नेता मंजू शर्मा के पुत्र को गिरफ्तार किया गया, बावजूद इसके इनकी स्कूल को क्यों नही तोड़ा गया?

7- RPSC चेयरमैन ने कोचिंग सेंटर संचालकों की भूमिका पेपर लीक करवाने और नकल गिरोह में होना बताया तो सरकार ऐसे कोचिंग सेंटरों के खिलाफ कब कार्यवाही करेगी और पर्दे के पीछे कौन-कौन से ब्यूरोक्रेट्स और अन्य अधिकारियों की साझेदारी ऐसी कोचिंगो में है?

8- आपके ओएसडी देवाराम सैनी के नजदीकी रिश्तेदारों की भी कोचिगों में साझेदारी है जो लगातार देवाराम के संपर्क में भी थे. ऐसे में इस विषय की गहन जांच कब करवाओगे कि कहीं आपके OSD की भूमिका तो पेपर आउट करवाने में नही थी?

9- आरोपी सुरेश ढाका राजस्थान के एक दर्जन सत्ता धारी दल के नेताओं और मंत्रियों तथा हरियाणा और  दिल्ली के कई कांग्रेसी नेताओ के ट्विटर हैंडल ऑपरेट करता था. ऐसे में बिना नेताओं की सह के सुरेश ढाका इतना बड़ा कृत्य नहीं कर सकता, इस पर आप क्या कहोगे?

10- कांग्रेस के कौन से नेताओं और मंत्रियों ने सुरेश ढाका की राहुल गांधी से मुलाकात करवाई?

ऐसे हुआ पेपर लीक का खुलासा

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आपको बता दें कि 24 दिसंबर को सेकंड ग्रेड टीचर्स की भर्ती के लिए भर्ती परीक्षा होनी थी. परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थी पहुंच भी गए थे, उन्हें परीक्षा हॉल में प्रवेश भी दे दिया गया था. अभ्यर्थी अपनी सीट पर बैठकर प्रश्नपत्र बांटे जाने और परीक्षा शुरू होने का इंतजार कर रहे थे कि तभी अचानक उन्हें ये जानकारी दी गई कि पेपर लीक हो गया है जिसकी वजह से परीक्षा निरस्त कर दी गई है.

हुआ ये कि राजस्थान के उदयपुर जिले की बेकरिया पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली. पेपर लीक हो जाने की गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस महकमा एक्टिव मोड में आ गया और बेकरिया थाने की फोर्स ने सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे अभ्यर्थियों की एक बस को बीच सड़क पर रोक लिया. पुलिस ने बस की तलाशी ली तो कई अभ्यर्थियों के पास से पेपर मिला. चलती बस में एक्सपर्ट्स पेपर सॉल्व भी कर रहे थे.

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