राजस्थान सरकार ने हाल ही में किसानों के हित में कार्रवाई करते हुए खराब बीजों के गोदामों पर छापेमारी की. इसके तहत गोदामों को सील किया गया और खराब बीजों की बिक्री पर रोक लगाई गई. साथ ही, ऐसे बीजों का प्रयोगशाला में परीक्षण भी कराया गया ताकि किसानों को केवल उन्नत और गुणवत्तापूर्ण बीज ही उपलब्ध कराए जा सकें. इसके अलावा,आवश्यक खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाए गए.
इसी क्रम में श्री किरण कपाड़िया की कंपनी गजराज ब्रांड के मूंगफली के बीजों के संदर्भ में भी कार्रवाई की गई थी. इनके गोदाम को सील कर बीजों की बिक्री पर रोक लगाई गई.
जानकारी के मुताबिक, किरण कपाड़िया से उनके गोदाम के बीज वापस गुजरात ले जाने और इस मामले को दबाने की व्यवस्था में लगभग 1 करोड़ 20 लाख रुपए जुगल किशोर, डायरेक्टर राजस्थान राज्य बीज निगम द्वारा प्राप्त किए गए.
एसीबी (एंटी-करप्शन ब्यूरो) को सूचना मिली कि जुगल किशोर अपने भांजे स्वतंत्र बिश्नोई के माध्यम से 90 लाख रुपए गंगानगर भेज रहा है. एसीबी टीम ने लूणकरणसर में बस रोककर तलाशी ली और स्वतंत्र बिश्नोई से 85 लाख रुपए बरामद कर उसे गिरफ्तार किया.
एसीबी ने इस मामले में जुगल किशोर बिश्नोई (निदेशक, राज्य बीज निगम), किरण कपाड़िया (प्रोपराइटर, गजराज ब्रांड), गणपत बिश्नोई, सुनील सेतिया और सतपाल को डिटेन कर पूछताछ शुरू की है. वहीं स्वतंत्र बिश्नोई को नकद राशि सहित गिरफ्तार किया गया है. बताया जा रहा है कि अब तक की जांच में जुगल किशोर बिश्नोई के घर और बस से कुल 2 करोड़ 44 लाख रुपए बरामद किए गए हैं.
प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि 27 मई 2026 को गजराज ब्रांड के मूंगफली बीज गोदाम पर कार्रवाई के दौरान नमूने लिए गए थे और बिक्री पर रोक लगाई गई थी. बाद में इस कार्रवाई को प्रभावित करने का मामला सामने आया. गोदाम में रखे नकली बीजों को वापस गुजरात ले जाने की अनुमति दिलाने के लिए बड़ी मात्रा में रिश्वत लेने की जानकारी सामने आई है. इस पूरे मामले की जांच जारी है.
शरत कुमार