कोटा चिड़ियाघर से आई खुशखबरी! 9 साल बाद अजगर ने दिए 18 अंडे

कोटा के नयापुरा चिड़ियाघर में करीब 9 साल बाद एक मादा अजगर ने 18 अंडे दिए हैं, जिससे वन विभाग और चिड़ियाघर प्रशासन में उत्साह है. अंडों की सुरक्षा के लिए विशेष तापमान और नमी की व्यवस्था की गई है.

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अंडों पर कुुंडली मारकर बैठी हुई है पायथन. (photo: Screengrabs) अंडों पर कुुंडली मारकर बैठी हुई है पायथन. (photo: Screengrabs)

चेतन गुर्जर

  • कोटा,
  • 03 जून 2026,
  • अपडेटेड 1:26 PM IST

शहर के नयापुरा चिड़ियाघर से वन्यजीव प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. यहां करीब 9 साल बाद चिड़ियाघर में अजगर (पायथन) ने एक साथ 18 अंडे दिए हैं. वर्ष 2017 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है, जिससे वन्यजीव विभाग और चिड़ियाघर प्रशासन में उत्साह का माहौल है. हालांकि इस खुशी के बीच चिंता भी बनी हुई है, क्योंकि विशेषज्ञों के अनुसार इन अंडों से बच्चों के सुरक्षित बाहर आने की सर्वाइवल रेट महज 5 से 10 फीसदी तक मानी जा रही है.

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गर्मी और प्राकृतिक परिस्थितियों को देखते हुए चिड़ियाघर प्रशासन ने पायथन के लिए विशेष इंतजाम किए हैं. पिंजरे में रेत, नियंत्रित वातावरण और पानी के दो कुंड तैयार किए गए हैं, ताकि तापमान और नमी का संतुलन बना रहे. यह दोनों चीजें अंडों के सुरक्षित विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं.

अंडों की रखवाली कर रही है मादा पायथन
सबसे दिलचस्प बात यह है कि मादा पायथन अपने अंडों के चारों ओर कुंडली मारकर बैठी हुई है. वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार यह व्यवहार अंडों की सुरक्षा और तापमान बनाए रखने की प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा होता है. चिड़ियाघर स्टाफ लगातार निगरानी कर रहा है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है.

इधर, कोटा के मंडाना क्षेत्र के उम्मेदपुरा गांव से भी सर्प संरक्षण से जुड़ी एक अहम घटना सामने आई. यहां करीब 6 फीट लंबे कोबरा का रेस्क्यू किया गया. सूचना मिलने पर सर्प रेस्क्यू टीम के सदस्य रॉकी डेनियल, गिरीश श्रृंगी और ललित बौरासी मौके पर पहुंचे. जांच के दौरान एक कोबरा पत्थर के नीचे मृत अवस्था में मिला. जिसके पास 15 से 17 अंडे पाए गए. टीम ने अंडों को सुरक्षित रेस्क्यू कर चिड़ियाघर पहुंचाया, ताकि उनकी सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित की जा सके.
 

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