हैरान करने वाली बात ये है कि आज पाकिस्तान के 'टुकड़े-टुकड़े' होने की मांग करने वाले वहां के अल्पसंख्यक नहीं, बल्कि खुद मुसलमान हैं. चाहे वो बलोचिस्तान हो, खैबर पख्तूनख्वा हो या फिर PoK. एक तरफ पाकिस्तान जहां चार हिस्सों में बंटने की कगार पर खड़ा है, वहीं दूसरी तरफ वहां की जनता आटे के लिए तरस रही है. देखें...