मीटिंग से बार-बार वॉशरूम भाग रहे थे अधिकारी... कमिश्नर साहब ने सबका करा दिया शुगर टेस्ट, 16 निकले शिकार

कलेक्टर ऑफिस में मीटिंग के दौरान अफसरों के बार-बार वॉशरूम जाने से नाराज कमिश्नर ने जब अचानक सबका शुगर टेस्ट करवाया, तो 'साइलेंट किलर' मानी जाने वाली डायबिटीज के डराने वाले आंकड़े सामने आए...

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मैहर-सतना के 21 अधिकारी मिले हाई डायबिटीज के शिकार.(Photo:ITG) मैहर-सतना के 21 अधिकारी मिले हाई डायबिटीज के शिकार.(Photo:ITG)

वेंकटेश द्विवेदी

  • मैहर,
  • 10 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:40 PM IST

मध्य प्रदेश में अक्सर अधिकारियों की लेट-लतीफी या बहानेबाजी के किस्से सामने आते हैं, लेकिन इस बार स्वास्थ्य से जुड़ा एक ऐसा जीवंत मामला सामने आया है जिसने सबको सन्न कर दिया है. रीवा कमिश्नर शीलेंद्र सिंह की अध्यक्षता में पिछले दो दिनों में मैहर और सतना में हुई समीक्षा बैठकों के दौरान एक अनोखा नजारा देखने को मिला. कमिश्नर के कड़े रुख के कारण कलेक्ट्रेट सभागार पल भर में 'मेडिकल कैंप' में तब्दील हो गया, जहां ग्लूकोमीटर से अधिकारियों की उंगलियां चुभाकर शुगर लेवल मापा गया.

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इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत गुरुवार को मैहर जिला मुख्यालय में आयोजित एक अहम समीक्षा बैठक से हुई. बैठक के दौरान कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने देखा कि समीक्षा के बीच-बीच में कई अहम अधिकारी और कर्मचारी बार-बार कलेक्ट्रेट सभागार से उठकर वॉशरूम की तरफ भाग रहे थे. इससे बैठक की निरंतरता प्रभावित हो रही थी.

मामले की गंभीरता और बार-बार यूरिनेशन (पॉलीयूरिया) के लक्षण को भांपते हुए कमिश्नर शीलेंद्र सिंह तत्काल भांप गए कि यह सामान्य बात नहीं है. उन्होंने बिना देर किए स्वास्थ्य विभाग की टीम को कलेक्ट्रेट सभागार में ही तलब कर लिया और ऑन-द-स्पॉट सभी का ब्लड शुगर टेस्ट कराने के कड़े आदेश जारी कर दिए. देखें VIDEO:-

मैहर के बाद अब सतना कलेक्ट्रेट में भी अधिकारियों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य को लेकर नई कवायद देखने को मिली. शुक्रवार को कमिश्नर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक से पहले सभागार में प्रवेश करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए शुगर टेस्ट अनिवार्य किया गया. बैठक शुरू होने से पहले सभी से ब्लड शुगर की जांच कराने को कहा गया. देखें VIDEO:-

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इसके लिए कलेक्ट्रेट सभागार के एक कक्ष में स्वास्थ्य विभाग की टीम और चिकित्सा कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी. मेडिकल स्टाफ ने मौके पर ही ग्लूकोमीटर की सहायता से अधिकारियों और कर्मचारियों की जांच की. बैठक में शामिल होने आए अधिकांश अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी जांच कराई, जबकि कुछ अधिकारियों ने इस व्यवस्था पर असहमति जताते हुए बिना शुगर टेस्ट कराए ही सभागार में प्रवेश कर लिया. देखें VIDEO:-

स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब तक कुल 39 लोगों की शुगर जांच की गई है. इनमें से 5 लोगों का ब्लड शुगर स्तर निर्धारित मानक से अधिक पाया गया. ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों को चिकित्सकीय परामर्श लेने तथा नियमित जांच और खान-पान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई.

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कमिश्नर के इस मेडिकल नवाचार की चर्चा इन दिनों प्रशासनिक गलियारों में खूब हो रही है. हालांकि कई लोग इसे अधिकारियों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम बता  रहा है.

बीएमओ मैहर पीयूष पांडेय ने कहा कि मैहर में जहां कुल 49 अधिकारी कर्मचारियों का शुगर टेस्ट किराया गया जिनमें से 16 का शुगर लेवल 200 एमजी/डीएल से अधिक पाया गया. वहीं, सतना में 29 लोगों के जांच सेम्पल लिये गए जिनमें पांच लोगों का शुगर लेवल बढ़ा पाया गया. कमिश्नर के इस नवाचार पर कोई भी अधिकारी कुछ बोलने से कतरा रहा है. वहीं, विभागीय गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है. 

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