'घरों में हथियार की धार तेज करके रखो, दुश्मन दहलीज पार करे तो बीच से काट दो...', विहिप के कार्यक्रम में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का भड़काऊ बयान

विश्व हिंदू परिषद के कार्यक्रम में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा कि हथियारों को जरा धार तेज करके रखना चाहिए क्योंकि, जब हमारी बेटियों-बहनों को घरों में से उठाकर उनके टुकड़े करके रोड पर बिखेर दिए जाते हैं तो हमारे अंदर बहुत पीड़ा होती है.

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विहिप के कार्यक्रम में प्रज्ञा ठाकुर का बयान.(Photo:Screengrab) विहिप के कार्यक्रम में प्रज्ञा ठाकुर का बयान.(Photo:Screengrab)

रवीश पाल सिंह

  • भोपाल ,
  • 29 सितंबर 2025,
  • अपडेटेड 9:55 PM IST

MP News: राजधानी भोपाल की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने विश्व हिन्दू परिषद (VHP) के एक कार्यक्रम में शिरकत करते हुए दो विवादित और भड़काऊ बयान दिए, जिससे राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल मच गई है. 

साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने मंच से बोलते हुए हिंसा का खुला आह्वान किया और दुर्गा वाहिनी की महिलाओं से कहा कि से अपने-अपने घरों में हथियार रखना चाहिए और उनकी धार तेज करके रखनी चाहिए.
 
बीजेपी की पूर्व सांसद ने कहा, "जब हमारी बेटियों-बहनों को घरों में से उठाकर उनके टुकड़े करके रोड पर बिखेर दिए जाते हैं, तो हमारे अंदर बहुत पीड़ा होती है. इस पीड़ा को बाहर निकालने के लिए जब दुश्मन हमारे घर की दहलीज पार करने का प्रयास करे तो उनको बीच में से काट देना चाहिए."

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उन्होंने दुर्गा वाहिनी से आह्वान किया कि वह हर घर में दुर्गा तैयार करे और हर घर में हथियार रखने के लिए प्रेरित करे.

नेहरू पर 'अंग्रेजों के चाटुकार' होने का आरोप
साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का नाम लिए बिना उन पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि जो लोग कहते हैं कि आजादी 'बिना खड्ग, बिना ढाल' के मिली है, वे 'स्वार्थी और सत्तालोलुप' लोग थे.

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता मिलने के बाद ऐसे व्यक्ति को प्रथम प्रधानमंत्री बना दिया गया, जो 'न तो वोटों में जीता था, न देश के मन को जीता था, न उसने देश के लिए किसी प्रकार से कोई सेवा की'.

प्रज्ञा ठाकुर ने आगे आरोप लगाया कि प्रथम प्रधानमंत्री 'पेरिस में अपने कपड़े धुलवाने के लिए भेजता था', 'अंग्रेज़ों की चाटुकारिता करता था' और 'अंग्रेजी महिलाओं के समक्ष नतमस्तक होता था'. उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि वह व्यक्ति 'न चरित्र से अच्छा, न चाल से अच्छा और न नेतृत्व अच्छा' था.

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साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि ऐसे लोगों को प्रधानमंत्री बनाकर देश से कुठाराघात किया गया, जिसकी नीतियों के कारण आज भी देश में बंटवारा करवाने के लिए लोग प्रेरित कर रहे हैं. 

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