मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से एक बेहद गंभीर और तनावपूर्ण घटना सामने आई है, जहां एक 21 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत के बाद गुस्साए ग्रामीणों और महिलाओं ने पुलिस प्रशासन पर अपना भारी आक्रोश निकाला. घटना की सूचना मिलने के बाद भी पुलिस के देरी से पहुंचने पर भड़के लोगों ने न केवल चक्काजाम किया, बल्कि मौके पर पहुंचे पुलिस जवानों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और थाना इंचार्ज को बंधक बना लिया. क्षेत्र में करीब चार घंटे तक भारी हंगामा और अफरातफरी का माहौल बना रहा.
दरअसल, जिला मुख्यालय से करीब 70 किमी चैनपुर थाना इलाके के दामखेड़ा में 21 साल के अर्जुन की संदिग्ध हालात में मौत हो गई. सूचना देने पर भी 2 घंटे तक पुलिस के न पहुंचने पर लोगों में भारी घोष गहराया. युवक की मौत पर परिजन सहित ग्रामीणों का हंगामा शुरू हो गया.
ग्रामीणों ने किया चक्काजाम कर दिया. इस दौरान पुलिस के पहुंचने पर लोगों ने शव के कमरे में थाना इंचार्ज गेहलोद सेमलिया को बंधक बना दिया. इस दौरान महिलाओं ने दो पुलिस जवानों को घेर लिया और लट्ठ से पिटाई कर दी. बचने के लिए पुलिस जवान भागे. महिलाओं ने पुलिस जवानों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा.
उधर, परिजनों और ग्रामीणों ने रस्सी से लटके शव को उतारने से इनकार कर दिया. इस दौरान ग्रामीणों में जमकर आक्रोश देखा गया. उन्होंने चक्काजाम कर दिया.
परिजनों ने हत्या के आरोप लगाते हुए फांसी लगाकर हत्या करने का आरोप लगाया. मृतक अर्जुन के पिता बदा चौहान का आरोप है कि उनके पुत्र की हत्या कर शव को फांसी पर लटकाया है.
उन्होंने उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. जिला मुख्यालय सहित 5 थाने से पुलिस फोर्स चिरिया के लिये रवाना किया गया है. गांव में अब भी तनावपूर्ण स्थिति है.
पुलिस का बयान
इस मामले में एडिशनल एसपी शकुंतला रूहल का कहना है, ''दामखेड़ा में एक युवक ने फांसी लगा ली. इसके पहले भी उसके भाई ने आत्महत्या कर ली थी. ग्रामीणों को शक है कि दोनों भाइयों पर जादू टोना किया गया. इस बात पर लोगों में रोष था. इस बात को लेकर चक्काजाम किया है. पुलिस जवानों के साथ मारपीट को लेकर वायरल वीडियो की पुष्टि की जा रही है.''
उमेश रेवलिया