'गुस्सा आ जाता है...' CM मोहन यादव के माफी मांगने के बाद भी नहीं बदले विजयवर्गीय के तेवर

मध्यप्रदेश विधानसभा में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की “औकात में रहो” टिप्पणी से हंगामा मच गया. अडानी बिजली समझौते के आरोपों पर सत्ता-विपक्ष में तीखी बहस हुई. बाद में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसके लिए सदन से माफी मांगी.

Advertisement
कैलाश विजयवर्गीय की 'औकात'वाली टिप्पणी से मध्य प्रदेश विधानसभा में जमकर बवाल मचा. कैलाश विजयवर्गीय की 'औकात'वाली टिप्पणी से मध्य प्रदेश विधानसभा में जमकर बवाल मचा.

रवीश पाल सिंह

  • भोपाल,
  • 20 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:22 AM IST

मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र गुरुवार को उस समय अखाड़े में तब्दील हो गया, जब संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस हो गई. बिजली खरीद को लेकर अडानी समूह के साथ हुए समझौते पर चर्चा के दौरान विवाद इतना बढ़ा कि विजयवर्गीय ने सिंघार को 'अपनी औकात में रहने' की हिदायत दे दी. 

Advertisement

इस असंसदीय शब्द के इस्तेमाल ने सदन में ऐसा तूफान खड़ा किया कि विपक्ष ने विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया. इस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने अफसोस जताया और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने माफी मांगी.

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सिंगरौली में बिजली खरीद को लेकर सरकार और अडानी ग्रुप के बीच हुए करार पर सवाल उठाए थे. उन्होंने दावा किया कि सरकार अगले 25 वर्षों में कंपनी को 1.25 लाख करोड़ रुपये देने की तैयारी कर रही है. जब सत्ता पक्ष ने इसे गलत जानकारी बताया, तो सिंघार ने प्रमाण देने की बात कही. इसी दौरान बहस 'तू-तू-मै-मै' में बदल गई और विजयवर्गीय ने विवादित टिप्पणी कर दी. विपक्ष ने इसे न केवल नेता प्रतिपक्ष, बल्कि प्रदेश की 7.5 करोड़ जनता का अपमान बताया.

Advertisement

यह भी पढ़ें: MP विधानसभा में आवारा कुत्तों पर तल्खी... कैलाश विजयवर्गीय बोले- श्वान इंसानों के शत्रु नहीं, BJP MLA ने कहा- नस्ल ही खत्म कर दो

CM ने संभाला मोर्चा, विजयवर्गीय के तेवर बरकरार
सदन की मर्यादा गिरते देख विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने गहरा दुख व्यक्त किया. स्थिति बिगड़ती देख मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मोर्चा संभाला और सदन में 'जाने-अनजाने' हुई गलती के लिए माफी मांगी. हालांकि, सदन के बाहर कैलाश विजयवर्गीय के तेवर नरम नहीं दिखे. 

सदन में हुए हंगामे के बाद जब मीडिया ने कैलाश विजयवर्गीय से सवाल किया, तो वे रत्ती भर भी रंज या अफसोस में नहीं दिखे. उन्होंने बड़े सहज अंदाज में कहा, "कई बार हो जाता है यार... यह बहुत सामान्य बात है." मुख्यमंत्री द्वारा माफी मांगने पर उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री कप्तान हैं, उन्होंने यदि माफी मांग ली तो क्या हो गया यार." उन्होंने अपने व्यवहार को मानवीय बताते हुए कहा कि कभी-कभी गुस्सा आ ही जाता है.'

सिंघार का पलटवार: "सत्ता का नशा सिर चढ़कर बोल रहा"
मंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उम्र का हवाला देते हुए तंज कसा. उन्होंने कहा, "कैलाश विजयवर्गीय उम्रदराज हैं, उन्हें अब राजनीति में पहलवानी नहीं करनी चाहिए." सिंघार ने आरोप लगाया कि जब वे अडानी समूह और भागीरथपुरा मौत कांड जैसे गंभीर मुद्दों पर प्रमाण के साथ बात कर रहे हैं, तो सरकार को 'मिर्ची' लग रही है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: 'पिता PWD मंत्री और ठेकेदार दिला रहा कपड़े, तो कैसे चरित्रवान बनेंगे बच्चे', अब कैलाश विजयवर्गीय का नया बयान

दूसरी ओर, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने इसे 'अहंकार की पराकाष्ठा' बताया और प्रदेश भर में विजयवर्गीय के पुतले फूंकने का ऐलान किया. भोपाल में युवा कांग्रेस ने उनके निवास के बाहर प्रदर्शन भी किया.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement