'मैं रिश्ते की पवित्रता पर सवाल नहीं उठा रहा', राहुल गांधी पर विवादित बयान के बाद आई कैलाश विजयवर्गीय की सफाई

मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को लेकर दिए गए विवादास्पद बयान पर सफाई दी है. उन्होंने कहा कि वह किसी रिश्ते की पवित्रता पर सवाल नहीं उठा रहे थे, बल्कि केवल भारतीय और विदेशी संस्कृति के फर्क की बात कर रहे थे.

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कैलाश विजयवर्गीय ने शाजापुर में विवादित बयान दिया था (File Photo: PTI) कैलाश विजयवर्गीय ने शाजापुर में विवादित बयान दिया था (File Photo: PTI)

aajtak.in

  • भोपाल ,
  • 26 सितंबर 2025,
  • अपडेटेड 4:43 PM IST

मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को लेकर विवादास्पद बयान दिया था. अब विजयवर्गीय की अपने बयान पर सफाई आई है. उन्होंने कहा कि मैं किसी रिश्ते की पवित्रता पर सवाल नहीं उठा रहा हूं. सभी रिश्ते पवित्र होते हैं, हालांकि हर रिश्ते की एक सीमा होती है, और मैं उसी का जिक्र कर रहा था. मैंने ये कहा था कि विदेशों में ऐसा होता है, लेकिन यहां यानी भारत में ऐसा नहीं होता. मैंने केवल विदेशी संस्कृति और भारतीय संस्कृति के बारे में बात की थी.

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कैलाश विजयवर्गीय ने शाजापुर में एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी का नाम लिए बिना विपक्ष के नेता पर तीखा हमला बोला था. उन्होंने कहा था कि हम पुरानी संस्कृति के लोग हैं, पुराने जमाने में लोग अपनी बहनों के गांव का पानी तक नहीं पीते थे, लेकिन आज के हमारे प्रतिपक्ष के नेता ऐसे हैं कि अपनी बहन को चौराहे पर चुंबन कर लेते हैं.

कैलाश विजयवर्गीय शाजापुर में दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी विदेशी संस्कृति से प्रभावित हैं और उसी के अनुसार व्यवहार करते हैं.उन्होंने कहा कि भारत की अपनी संस्कृति है और राष्ट्र इसी के माध्यम से प्रगति करेगा. भाजपा नेता ने कहा कि देश में दो विचारधाराएं काम कर रही हैं, एक राष्ट्र को सुरक्षित रखने की है और दूसरी उसकी संस्कृति के खिलाफ.

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कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया. मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि नवरात्रि का त्योहार चल रहा है, ये देवी की आराधना के दिन हैं. भाई-बहन का रिश्ता पवित्र है और पूरे देश में इसकी कद्र की जाती है. कैलाश विजयवर्गीय की मानसिकता और भाषा सभी जानते हैं. उन्होंने भाजपा नेताओं पर कई मौकों पर महिलाओं, बहनों, बेटियों और माताओं का कपड़ों, भाषा या शिक्षा को लेकर अपमान करने का आरोप लगाया.

कार्यक्रम के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने दीनदयाल उपाध्याय के जीवन को सादगी, त्याग और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया था. उन्होंने कहा कि सेवा, समर्पण और राष्ट्र को सर्वोपरि रखने का दीनदयाल उपाध्याय का संदेश भारत की आत्मा का प्रतिनिधित्व करता है और हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा.

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