MP: 'जब वो नहीं रहे तो अब जी कर क्या करूंगी', पति की मौत के एक घंटे बाद पत्नी ने दी जान

डॉक्टर पति की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाई प्रोफेसर पत्नी और एक घंटे बाद ही भदभदा ब्रिज से कूदकर दे दी जान. जिसके बाद मंगलवार को पति-पत्नी की एक साथ अर्थी उठी.

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पति की मौत के एक घंटे बाद पत्नी ने की खुदकुशी (फाइल- फोटो) पति की मौत के एक घंटे बाद पत्नी ने की खुदकुशी (फाइल- फोटो)

रवीश पाल सिंह

  • भोपाल ,
  • 04 मई 2022,
  • अपडेटेड 10:08 AM IST
  • डॉक्टर पति की हुई ब्रेन हेमरेज से मौत
  • 1 घंटे बाद पत्नी ने छलांग लगाकर दी जान
  • पति की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाई पत्नी

मध्य प्रदेश से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां पर डॉक्टर पति की मौत के एक घंटे बाद असिस्टेंट प्रोफेसर पत्नी ने खुदकुशी कर ली. चूना भट्‌टी में रहने वाले 47 साल के डॉक्टर पराग पाठक (MDS) भाभा मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर थे. 28 अप्रैल को सुबह 9 बजे डॉक्टर पाठक की तबीयत अचानक खराब हो गई. बिगड़ गई. प्रीति झारिया (44) ने पति को पानी पिलाया और उन्हें लेकर अरेरा कॉलोनी स्थित नेशनल हॉस्पिटल पहुंची.  जांच के दौरान पता चला कि ब्रेन हेमरेज की वजह से डॉक्टर की हालत खराब हुई है. तुरंत ही उनकी सर्जरी कराई गई और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया. 

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लेकिन 2 मई की रात डॉक्टर पराग की मौत हो गई. जैसे ही पति की मौत की खबर पत्नी प्रीति झारिया को लगी वो सदमे में आ गई. अस्पताल में मौजूद डॉक्टर से प्रीति ने कहा कि अब उनके जीने का मतलब नहीं है.  इस दुनिया में मेरा कोई नहीं रहा और वो अब  भदभदा ब्रिज खुदकुशी करने जा रही हैं.  यह बोलकर वो अपनी कार से अस्पताल ले निकल गईं.

अस्पताल पहुंचने पर प्रीति के भाइयों को डॉक्टर ने पूरी बात बताई और सभी उसके पीछे भदभदा दौड़े. लेकिन तब तक प्रीति छलांग लगा चुकी थी. फिर घटना की सूचना पुलिस को दी गई और गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शवों को परिजनों के हवाले कर दिया. जिसके बाद मंगलवार को पति-पत्नी की एक साथ अर्थी उठी. 

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जबलपुर की रहने वाली प्रीति भोपाल में नरेला कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर थीं. चार साल उनकी शादी हुई थी और दोनों की संतान भी नहीं थी. मृतक डॉक्टर पराग के स्वर्गीय पिता एसडीओ रह चुके हैं. वही उनकी मां डॉक्टर हैं. पराग की मां शोभा पाठक स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं. वो बहू और-बेटे के साथ रहती थीं.  बेटे की तबीयत बिगड़ने के बाद वो बहू के साथ अस्पताल में ही रहती थीं. बेटे की मौत के बाद वो भी अस्पताल में रोती बिलखती रहीं. इसी बीच बहू कार लेकर चली गई. फिर कुछ देर बाद उसकी भी मौत की खबई आई. 

(इनपुट- इज़हार हसन खान)

 

 

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