मॉडल और पूर्व एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में अब जांच की दिशा तेजी से बदलती नजर आ रही है. भोपाल पुलिस से मामला अपने हाथ में लेने के बाद CBI ने जांच शुरू कर दी है. इस बीच, मामले में गिरफ्तार ट्विशा के पति समर्थ सिंह से पूछताछ में कई नए दावे सामने आए हैं. करीब 10 दिन तक फरार रहने के बाद जबलपुर से गिरफ्तार किए गए समर्थ सिंह फिलहाल कटारा हिल्स थाना पुलिस की सात दिन की रिमांड पर हैं. पूछताछ में उन्होंने दावा किया कि शादी के शुरुआती महीनों में उनके और ट्विशा के संबंध सामान्य थे, लेकिन अप्रैल में गर्भवती होने की जानकारी मिलने के बाद उनके व्यवहार में बदलाव आने लगा था.
बेंगलुरु जाने का था प्लान, अजमेर चली गई ट्विशा
पूछताछ के दौरान समर्थ ने अप्रैल महीने की एक घटना का भी जिक्र किया, जिसे उन्होंने रिश्ते में तनाव बढ़ने की बड़ी वजह बताया. उनका कहना है कि दोनों ने साथ में बेंगलुरु जाने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में ट्विशा ने उनके साथ जाने से इनकार कर दिया और अपने भाई से मिलने अजमेर जाने की बात कही. समर्थ का दावा है कि वह अकेले बेंगलुरु चले गए, जबकि ट्विशा अजमेर पहुंचीं और वहां केवल एक दिन रुकने के बाद बिना बताए दिल्ली चली गईं. समर्थ ने कहा कि इस घटना के बाद दोनों के बीच विवाद और बढ़ गए.
समर्थ ने क्या-क्या बताया?
समर्थ के अनुसार, ट्विशा अपने पुराने ग्लैमर दुनिया की जिंदगी को अक्सर याद करती थीं और घरेलू जिम्मेदारियों के साथ खुद को सहज महसूस नहीं कर पा रही थीं. उन्होंने पुलिस को बताया कि ट्विशा कई बार कहती थीं कि वह गृहस्थ जीवन में खुद को ढाल नहीं पा रही हैं, जिसके चलते दोनों के बीच लगातार विवाद होने लगे थे.
समर्थ सिंह ने पुलिस को यह भी बताया कि उन्होंने ट्विशा को 7 लाख रुपये दिए थे, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह रकम किस वजह से दी गई थी. जांच एजेंसियां अब इस आर्थिक लेन-देन की भी पड़ताल कर रही हैं.
12 मई की रात क्या हुआ?
12 मई की रात की घटनाओं को लेकर समर्थ ने दावा किया कि उस दिन सब कुछ सामान्य था. उनके मुताबिक, दोनों ने साथ में खाना खाया, सोसायटी के पार्क में टहलने गए और बाद में घर पर टीवी देखा. समर्थ ने कहा कि वह सोने चले गए थे, जबकि ट्विशा नीचे जाकर अपने परिवार से फोन पर बात कर रही थीं.
फंदे से लटकी मिली ट्विशा
उनके अनुसार, देर रात उनकी मां गिरिबाला सिंह ने उन्हें जगाया, क्योंकि ट्विशा की मां का फोन आया था और वह ट्विशा से संपर्क नहीं होने पर चिंतित थीं. समर्थ ने दावा किया कि इसके बाद उन्होंने और उनकी मां ने पूरे घर में तलाश की और छत पर ट्विशा को फंदे से लटका पाया. उन्होंने बताया कि दोनों ने तुरंत उन्हें नीचे उतारा, CPR देने की कोशिश की और फिर एम्स भोपाल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
फरारी के दौरान किसने की मदद?
जांच एजेंसियां अब उस अवधि की भी जांच कर रही हैं जब समर्थ घटना के बाद फरार थे. पूछताछ में समर्थ ने स्वीकार किया कि वह एक सप्ताह से ज्यादा समय तक जबलपुर में छिपे रहे और पुलिस से बचने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं कर रहे थे. हालांकि, उन्होंने अब तक उन लोगों के नाम उजागर नहीं किए हैं जिन्होंने फरारी के दौरान उनकी मदद की.
दहेज प्रताड़ना के आरोप
दूसरी ओर, ट्विशा शर्मा के परिवार ने समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह पर दहेज प्रताड़ना, शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न तथा सबूतों से छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. इससे पहले पुलिस ने दहेज मृत्यु, क्रूरता और साझा साजिश से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया था.
इस पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने भी गंभीर चिंता जताई है. अदालत ने कहा है कि एक युवा महिला की मौत बेहद संवेदनशील मामला है और इसकी सच्चाई निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच के जरिए सामने आनी चाहिए. अब सीबीआई की जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं कि आखिर ट्विशा शर्मा की मौत के पीछे की असली वजह क्या थी.
रवीश पाल सिंह