कृष्‍ण की नगरी वृंदावन में बनने जा रहा है दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर

कृष्‍ण की नगरी वृंदावन में बनने जा रहा दुनिया का सबसे ऊंचा मंदिर जोकि दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा और मुकेश अंबानी के एंटीलिया से भी ऊंचा बनाया जा रहा है.

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चंद्रोदय मंदिर की गहराई बुर्ज खलीफा से भी अधि‍क है चंद्रोदय मंदिर की गहराई बुर्ज खलीफा से भी अधि‍क है

वन्‍दना यादव

  • नई दिल्‍ली,
  • 26 मार्च 2016,
  • अपडेटेड 12:32 AM IST

कृष्‍ण की पावन नगरी मथुरा-वृंदावन दुनिया के हर कोने में मशहूर है और देश-विदेश से लाखों पर्यटक यहां घूमने आते हैं. कृष्‍ण की नगरी में वृंदावन में बनने जा रहा दुनिया का सबसे ऊंचा मंदिर और इसी के साथ यह दुनिया की सबसे ऊंची इमारत भी होगी. वृंदावन में बनने जा रहे इस मंदिर का नाम चंद्रोदय है, जोकि दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा और मुकेश अंबानी के एंटीलिया से भी ऊंचा बनाया जा रहा है.

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बताया जा रहा है कि इस्कॉन संस्था द्वारा वृंदावन में बनाया जाने वाले इस 70 मंजिला चंद्रोदय मंदिर की ऊंचाई 210 मीटर होगी और इसे बनाने की तैयारियां 2006 से की जा रही थीं.

मंदिर की मजबूती का रखा जाएगा ध्‍यान
इस मंदिर की खास बात यह है कि इसकी केवल ऊंचाई ही नहीं बल्कि गहराई भी अधि‍क होगी, ताकि नींव भी उतनी ही मजबूत रहे. यह इमारत लगभग 55 मीटर गहरी होगी और इसका आधार 12 मीटर तक ऊंचा होगा, जबकि दुबई स्थि‍त दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा की गहराई मात्र 50 मीटर है. अत: चंद्रोदय मंदिर की गहराई बुर्ज खलीफा से भी 5 मीटर अधि‍क है.

भूकंपरोधी तकनी‍क का होगा इस्‍तेमाल
प्राकृतिक आपदा के लिहाज से भी इसे काफी मजबूत बनाया जा रहा है और 8 रिक्टर स्केल से अधिक तीव्रता का भूकंप भी इसे क्षति नहीं पहुंचा सकेगा. इसके अलावा इसमें प्रयोग किए जाने वाले कुल 511 पिलर वाला यह मंदिर 9 लाख टन भार सहने की क्षमता वाला होगा और 170 किलोमीटर की तीव्रता के तूफान को भी झेलने में सक्षम होगा.

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लिफ्ट की ये बात है खास
70 मंजिला इस इमारत के प्रारंभिक 3 तलों पर चैतन्य महाप्रभु और राधा, कृष्ण बलराम के मंदिर के अलावा अन्य तलों पर आगंतुकों के लिए गैलरी, टेलिस्कोप सुविधा और अन्य सुविधाएं होंगी जो आसपास के धर्मिक स्थलों से जुड़ने के लिए सहायक होंगी. इसमें लगाई जाने वाली लिफ्ट की तीव्रता 8 मीटर प्रति 2 सेकंड होगी, साथ ही इमारत के टेढ़ा होने पर भी यह सीधी ही चलेगी.

4डी से होंगे देवलोक के दर्शन
परंपरागत द्रविड़ और नगर शैली में बनाया जा रहा यह मंदिर, 200 सालों में अब तक का सबसे मॉडर्न मंदिर होगा, जिसमें 4डी तकनीक द्वारा देवलोक और देवलीलाओं के दर्शन भी किए जा सकेंगे. इतना ही नहीं, इस का वातावरण तैयार किया जाएगा और यमुना जी का प्रतिरूप तैयार कर नौका विहार जैसी सुविधाएं भी होंगी. इसके अलावा इसमें श्रीकृष्ण के जीवन लीलाओं को जानने के लिए लाइब्रेरी तथा अन्य माध्यम भी होंगे.

2022 में पूरा होगा निर्माण
10 एकड़ में अंडरग्राउंड पार्किंग के अलावा सड़क निर्माण और अन्य सुविधाओं को मिलाकर इसके निर्माण में कुल 500 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इस मंदिर का निर्माण 2022 तक पूरा होगा और भारत में दुनिया की सबसे ऊंची इमारत, वृंदावन स्थित चंद्रोदय मंदिर के रूप जानी जाएगी.
2014 में यूपी के मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मंदिर का शिलान्‍यास किया था और इस मौके पर हेमा मालिनी ने नींव पूजन किया था.

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