अन्य देशों के मुकाबले भारतीयों की हड्डियां कमजोर, ये है वजह

कैल्शियम अस्थि का प्रमुख अवयव है और स्वस्थ शरीर में इसकी मात्रा 30-35 फीसदी होती है जो हड्डी को मजबूती प्रदान करता है. कम मात्रा में कैल्शियम की खुराक लेने से अस्थि कमजोर हो जाती है और ऑस्टियोपोरोसिस नामक बीमारी का खतरा बना रहता है.

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रोहित

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  • 22 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 11:14 AM IST

भारत में आमतौर पर लोग कैल्शियम की उतनी खुराक नहीं लेते हैं जितनी शरीर की हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है. कैल्शियम की खुराक को लेकर शुक्रवार को जारी एक वैश्विक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में वयस्कों की खुराक में कैल्शियम तकरीबन जरूरत की आधी मात्रा होती है.

कैल्शियम अस्थि का प्रमुख अवयव है और स्वस्थ शरीर में इसकी मात्रा 30-35 फीसदी होती है जो हड्डी को मजबूती प्रदान करता है. कम मात्रा में कैल्शियम की खुराक लेने से अस्थि कमजोर हो जाती है और ऑस्टियोपोरोसिस नामक बीमारी का खतरा बना रहता है.

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इंटरनेशनल ऑस्टियोपोरोसिस फाउंडेशन (आईओएफ) नामक गैर-सरकारी संस्था द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में लोग औसतन महज 429 मिलीग्राम कैल्शिय रोजाना अपने भोजन में लेते हैं जबकि शरीर को इसकी जरूरत 800-1000 मिलीग्राम रोजाना होती है.

रिपोर्ट में 74 देशों को शामिल किया गया है जिसमें सबसे कम कैल्शियम की खुराक 175 मिलीग्राम प्रतिदिन नेपाल के लोग लेते हैं जबकि आइसलैंड के लोग रोजाना अपने भोजन में 1233 मिलीग्राम कैल्शियम की खुराक लेते हैं.

कम मात्रा में कैल्शियम खाने वाले लोग एशिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका में बताए गए हैं, जहां औसतन खुराक 400 से 700 मिलीग्राम प्रतिदिन है.

इस शोध के सह लेखक और भारत से आईओएफ बोर्ड के सदस्य अंबरीश मित्तल ने कहा, "एशिया के कई हिस्सों, खासतौर से दक्षिण पूर्व एशिया में लोग 400-500 मिलीग्राम से भी कम कैल्शियम रोजाना अपनी खुराक में लेते हैं."

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