अक्सर आपने चंदन के पेड़ को लेकर यह बात जरूर सुनी होगी कि इस पेड़ पर सांपों को बसेरा होता है और सांप इस पेड़ की खुशबू से खिंचे चले आते हैं. लेकिन सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है क्योंकि चंदन के पेड़ की तरफ अट्रैक्ट होने के पीछे सांपों का अपना एक अलग लॉजिक होता है. दरअसल, सांप का खून ठंडा होता है यानी वो अपने शरीर का तापमान खुद कंट्रोल नहीं कर सकते और उनके शरीर की जरूरत ही उन्हें चंदन के पेड़ तक खींच लाती है.
कंफर्टेबल माहौल बनाता है चंदन का पेड़
चंदन के पेड़ काफी घने होते हैं और इनकी पत्तियां एक ऐसा माइक्रोक्लाइमेट बनाती हैं जो आसपास के तापमान को ठंडा और नमी से भरा रखता है. सांपों के लिए यह वातावरण उनके मेटाबॉलिज्म को मैनेज करने के लिए बहुत कंफर्टेबल होता है.
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चंदन के पेड़ की ठंडी और नम छाया सांपों को गर्मी से राहत देती है. इसके अलावा इन पेड़ों की घनी टहनियां और पत्ते सांपों को शिकारियों से छिपने के लिए एक सुरक्षित ठिकाना भी देती हैं. इसका मतलब है कि खुशबू का चक्कर सिर्फ एक मिथक है जबकि असल वजह पेड़ का कंफर्ट और प्रोटेक्शन है.
क्या सिर्फ खुशबू है वजह या कुछ और?
कई लोग मानते हैं कि चंदन की महक सांपों को आकर्षित करती है लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना कुछ और ही है. चंदन के पेड़ के पास अक्सर छोटे जीव जैसे कीड़े, पक्षी और चूहे आते हैं क्योंकि ये पेड़ अपने आसपास के इकोसिस्टम को सपोर्ट करते हैं.
इन छोटे जीवों की मौजूदगी सांपों के लिए शिकार का एक आसान जरिया बन जाती है. तो कुल मिलाकर सांप यहां खुशबू के लिए नहीं, बल्कि पेट भरने और सुकून की नींद के लिए आते हैं.
इसके अलावा सांपों की सुनने की क्षमता इंसानों से अलग होती है और वे वाइब्रेशन और गंध के प्रति बहुत सेंसिटिव होते हैं. हालांकि, चंदन की खुशबू उन्हें आकर्षित नहीं करती, बल्कि इसके विपरीत कई रिसर्च में पाया गया है कि बहुत तेज गंध वाले पौधों से सांप दूर भागते हैं.
चंदन का पेड़ बस एक ऐसा शांत कोना है जहां इंसान कम जाते हैं जिससे सांपों को वहां बिना किसी डिस्टर्बेंस के रहने का मौका मिल जाता है. यह इकोसिस्टम का एक हिस्सा है जहां हर जीव अपनी जरूरत के हिसाब से अपना ठिकाना चुनता है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क