बरसात के मौसम में कूलर में पानी भरना चाहिए या नहीं? अक्सर लोग करते हैं ये एक गलती, जान लें वरना बढ़ेगी उमस

बारिश के मौसम में कूलर चलाना कई बार कमरे को उमस भरा और दमघोंटू बना देता है. ऐसे में क्या कूलर में पानी भरना चाहिए? जानिए मॉनसून में कूलर इस्तेमाल करने का सही तरीका, एयर सर्कुलेशन का महत्व और कुछ ऐसी गलतियां जिनसे आपको हर हाल में बचना चाहिए.

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बारिश में कूलर चलाते समय कुछ गलतियां महंगी पड़ सकती है. (PHOTO:AI) बारिश में कूलर चलाते समय कुछ गलतियां महंगी पड़ सकती है. (PHOTO:AI)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 07 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:50 PM IST

गर्मी के कहर के बाद बारिश आने से थोड़ी राहत तो मिलती है, लेकिन बारिश के बाद होने वाली उमस जीना मुहाल कर देती है. इस समय न तो पंखे की हवा लगती है और न ही कूलर काम आता है. खासतौर पर अगर आप बंद कमरे में कूलर चलाते हैं तो इस समय तो आपका कमरा गैस का चैम्बर बन जाता है, जिसमें बैठना भी मुश्किल होता है. बरसात के दिनों में अक्सर ही लोगों के मन में एक सवाल अक्सर आता है कि क्या इस दौरान कूलर में पानी भरकर चलाना चाहिए या नहीं.

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मॉनसून में तापमान भले ही कम हो जाता है, लेकिन हवा में नमी काफी बढ़ जाती है. ऐसे में अगर बिना समझदारी के कूलर का इस्तेमाल किया जाए, तो ठंडी हवा मिलने की बजाय कमरा चिपचिपा, बदबूदार और दमघोंटू महसूस होने लगता है. अगर आप भी बारिश के दिनों में कूलर चलाते हैं, तो पहले सही तरीका जान लेना जरूरी है और यह भी समझ लीजिए कि क्या कूलर में पानी डालना चाहिए या नहीं.

क्या बारिश में कूलर में पानी भरना चाहिए?

बारिश के दिनों में हर समय कूलर में पानी भरकर चलाना सही नहीं माना जाता. जब हवा में पहले से ही नमी ज्यादा होती है, तब कूलर का पानी और ज्यादा नमी पैदा करता है. इससे कमरा ठंडा होने की बजाय भारी और उमस भरा महसूस होने लगता है. अगर मौसम ठंडा है या बाहर बारिश हो रही है, तो बेहतर है कि कूलर का सिर्फ फैन मोड इस्तेमाल करें. वहीं जब बारिश रुक जाए और मौसम थोड़ा गर्म लगे, तभी जरूरत के अनुसार पानी भरकर कूलिंग मोड चलाएं.

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कूलर चलाते हुए एयर सर्कुलेशन जरूरी

कूलर हमेशा ऐसी जगह चलाएं जहां खिड़की या दरवाजा थोड़ा खुला हो. कूलर लगातार कमरे के अंदर नमी छोड़ता है. अगर कमरा पूरी तरह बंद रहेगा तो ताजी हवा नहीं आएगी और अंदर की हवा भारी हो जाएगी. इससे घुटन, बदबू और सांस लेने में परेशानी महसूस हो सकती है, इसलिए एयर सर्कुलेशन बनाए रखना बेहद जरूरी है.

लंबे समय तक भरा पानी नुकसानदायक

बारिश के दिनों में कई बार लोग कूलर का इस्तेमाल कम करते हैं, लेकिन उसके टैंक में पानी कई दिनों तक भरा रहता है. एक तो इससे पानी खराब हो सकता है और दूसरा उसमें बैक्टीरिया, फंगस या मच्छर भी पनपने लगते हैं. अगर दो से तीन दिन तक कूलर इस्तेमाल नहीं करना है, तो उसका पानी निकाल दें और दोबारा चलाने से पहले ताजा पानी भरें.

कूलर की सफाई भी है जरूरी

मॉनसून में कूलर के पैड, टैंक और फिल्टर जल्दी गंदे हो सकते हैं, इसलिए हफ्ते में कम से कम एक बार कूलर की सफाई जरूर करें. इससे बदबू नहीं आएगी और हवा भी साफ मिलेगी.

कब चलाना चाहिए कूलर?

  • जब मौसम में उमस कम हो और हल्की गर्मी महसूस हो.
  • जब कमरे में हवा आने-जाने की व्यवस्था हो.
  • जब कूलर में साफ और ताजा पानी भरा हो.
  • जब कूलर की नियमित सफाई की गई हो.

इन गलतियों से बचें

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  • लगातार कई दिनों तक एक ही पानी का इस्तेमाल न करें.
  • बारिश के दौरान पूरी तरह बंद कमरे में कूलर न चलाएं.
  • गंदे पैड और टैंक के साथ कूलर का इस्तेमाल न करें.
  • जरूरत न होने पर कूलिंग मोड की बजाय केवल फैन मोड का इस्तेमाल करें.

 

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