How To Make Pimple Patch At Home: महंगे पिंपल पैच पर क्यों खर्च करें पैसा? ₹10 की इस चीज से घर पर बनाएं, मुहांसे हो सकते हैं गायब!

How To Make Pimple Patch At Home: चेहरे पर पिंपल निकलने पर अब महंगे पिंपल पैच खरीदने की जरूरत नहीं है. आप हाइड्रोकोलॉइड बैंडेज की मदद से घर पर ही पिंपल पैच बना सकते हैं. इसे बनाने का तरीका बहुत ही आसान है.

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पिंपल पैच उससे निकलने वाले लिक्विड को सोखने में मदद करता है. (Photo: ITG) पिंपल पैच उससे निकलने वाले लिक्विड को सोखने में मदद करता है. (Photo: ITG)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 14 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:18 PM IST

How To Make Pimple Patch At Home: चेहरे पर अचानक निकला एक छोटा-सा पिंपल भी ना केवल लोगों को पूरे लुक को, बल्कि उनके कॉन्फिडेंस को भी बिगाड़ सकता है. आज कल पिंपल को छुपाने और इससे छुटकारा पाने के लिए ज्यादातर लोग महंगे-महंगे पिंपल पैच या स्किनकेयर प्रोडक्ट्स खरीदने लगते हैं. क्या आप भी ऐसा ही करते हैं? अगर हां, तो आपको जानकर हैरानी होगी कि आप इसी तरह का पिंपल पैच आप घर पर भी बेहद कम खर्च में तैयार कर सकते हैं. जी हां, इसके लिए आपको किसी महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट की नहीं, बल्कि मेडिकल स्टोर पर आसानी से मिलने वाले हाइड्रोकोलॉइड बैंडेज की जरूरत होगी.

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अगर आप भी महंगे स्किनकेयर प्रोडक्ट्स पर पैसे खर्च करने के बजाय पिंपल्स से छुटाकार पाने के लिए एक आसान और बजट-फ्रेंडली उपाय तलाश रहे हैं, तो ये घर पर बना पिंपल पैच आपके काफी काम आ सकता है.

क्या होती है हाइड्रोकोलॉइड बैंडेज?
हाइड्रोकोलॉइड एक खास तरह की ड्रेसिंग होती है, जिसका इस्तेमाल छोटे घाव भरने के लिए किया जाता है. यही तकनीक पिंपल पैच में भी इस्तेमाल होती है. ये पिंपल के ऊपर एक प्रोटेक्टिव लेयर बना देती है और एक्स्ट्रा ऑयल या पस को सोखने में मदद करती है.

घर पर कैसे बनाएं DIY पिंपल पैच?

  1. सबसे पहले मेडिकल स्टोर से हाइड्रोकोलॉइड बैंडेज खरीद लें.
  2. साफ कैंची की मदद से इसे छोटे-छोटे गोल या चौकोर टुकड़ों में काट लें.
  3. चेहरा धोकर अच्छी तरह सुखा लें.
  4. अब पिंपल के ऊपर बैंडेज का ये छोटा टुकड़ा चिपका दें.
  5. इसे 6 से 8 घंटे या पूरी रात लगा रहने दें.
  6. सुबह अगर जरूरत लगे तो इसे धीरे-धीरे हटाकर नया पैच लगा लें.

क्या होगा फायदा?

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  • पिंपल से निकलने वाला लिक्विड सोखने में मदद मिलती है.
  • बार-बार पिंपल को छूने या फोड़ने की आदत कम होती है.
  • धूल, बैक्टीरिया और गंदगी से पिंपल की सुरक्षा होती है.
  • पिपंल की रेडनेस और सूजन कुछ हद तक कम हो सकती है.
  • दाग पड़ने का खतरा भी कम हो सकता है.

किस तरह के पिंपल्स पर ज्यादा असर करता है?
ये तरीका उन पिंपल्स पर सबसे अच्छा काम करता है जिनमें वाइटहेड या पस दिखाई दे रही हो. बहुत गहरे, दर्द वाले या सिस्टिक पिंपल्स पर इसका असर लिमिटेड हो सकता है. अगर आप पिंपल्स काफी लंबे समय तक बने रहते हैं, तो ऐसे मामलों में स्किन डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर रहता है.

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