योग दिवस 2026: कल यानी 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस है. अगर आप भी अपने शरीर को स्वस्थ और फिट रहने के लिए योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की सोच रहे हैं तो आपके लिए इसके कुछ नियमों को जानना भी बेहद जरूरी है. योग का पूरा फायदा तभी मिलता है जब इसे सही समय और सही तरीके से किया जाए. अक्सर लोग इस उलझन में रहते हैं कि योग खाली पेट करना चाहिए या कुछ खाकर.
गलत समय पर किया गया योगाभ्यास फायदे की जगह आपकी सेहत को भारी नुकसान पहुंचा सकता है. आइए जानते हैं कि आयुर्वेद और योग विज्ञान के अनुसार योग करने का सही समय और नियम क्या है ताकि आपकी सेहत बिगड़ने के बजाय और बेहतर हो सके.
खाली पेट या खाना खाकर, कब करें योग?
योग विज्ञान के अनुसार, सुबह का समय और खाली पेट योगाभ्यास के लिए सबसे सर्वोत्तम माना जाता है. जब पेट खाली होता है तो शरीर की पूरी ऊर्जा आसनों को सही तरीके से करने और गहरी सांस लेने (प्राणायाम) में लगती है. इससे शरीर का लचीलापन बढ़ता है और आंतरिक अंगों की मालिश होती है.
भोजन करने के तुरंत बाद शरीर की अधिकांश ऊर्जा खाने को पचाने में लग जाती है. ऐसे में अगर आप योग करते हैं तो पाचन क्रिया बाधित हो जाती है. इसके कारण आपको मतली, पेट में मरोड़, उल्टी, एसिडिटी, भारीपन और गंभीर अपच की समस्या हो सकती है.
सबसे अच्छा तरीका है कि योग करने से आधा घंटा पहले गुनगुना या साधारण पानी पिएं. आप कोई फल जैसे केला या सेब भी खा सकते हैं. इससे आपको योग करने के लिए ऊर्जा भी मिलेगी. लेकिन पेट बहुत भरा नहीं होना चाहिए.
अगर सुबह समय न मिले, तो क्या करें?
अगर आप शाम को या दिन के किसी अन्य समय योग करना चाहते हैं तो भारी भोजन करने के कम से कम 3 से 4 घंटे बाद ही योग करें. अगर आपने हल्का नाश्ता किया है तो कम से कम 1 से 2 घंटे का गैप देना अनिवार्य है.
वज्रासन अकेला ऐसा आसन है जिसे भोजन करने के तुरंत बाद किया जा सकता है क्योंकि यह पाचन शक्ति को बढ़ाने में मदद करता है. इसके अलावा अन्य सभी आसनों के लिए पेट का खाली होना जरूरी है.
योग के बाद कब खाएं?
योगाभ्यास खत्म करने के तुरंत बाद कुछ न खाएं. शरीर को सामान्य तापमान पर आने दें. योग करने के लगभग 20 से 30 मिनट बाद ही पानी पिएं या हल्का नाश्ता करें.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क