Hair Regrowth Treatments: बालों के लगातार झड़ने से हैं परेशान? डर्मेटोलॉजिस्ट के बताए ये 5 तरीके रोक सकते हैं हेयर फॉल

बाल झड़ना आज के समय में पुरुष और महिला दोनों के काफी बड़ी मुसीबत बनी हुई है. कई बार यदि आप डर्मेटोलॉजिस्ट के पास जाते हैं तो वो ऐसे-ऐसे क्लिनिकल ट्रीटमेंट बताते हैं जो आपकी समझ में नहीं आते. उनमें से 5 ट्रीटमेंट के बारे में बेसिक डिटेल आर्टिकल में जानेंगे.

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बालों को दोबारा घना और मजबूत करने में कुछ ट्रीटमेंट मदद कर सकते हैं. (Photo: AI Generated) बालों को दोबारा घना और मजबूत करने में कुछ ट्रीटमेंट मदद कर सकते हैं. (Photo: AI Generated)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 14 जून 2026,
  • अपडेटेड 9:02 AM IST

Hair Fall Control Treatments: बाल झड़ना एक ऐसी समस्या है जो धीरे-धीरे बढ़ती है. पहले तो तकिए पर कुछ बाल बिखरे होते हैं फिर नहाते समय और कंघी करते समय भी झड़े हुए बाल दिखने लगते हैं. अच्छी बात ये है कि बाल झड़ने की स्पीड को डॉक्टर्स की सलाह के काफी हद तक कम भी किया जा सकता है. रोजाना 50-100 बाल झड़ना बिल्कुल सामान्य है लेकिन जब इससे कहीं अधिक बाल झड़ने लगें या आपके बालों उनकी ओर ध्यान देना चाहिए. रिसर्च से पता चलता है कि लगभग 60% भारतीय पुरुषों को 50 वर्ष की उम्र तक किसी न किसी हद तक बालों के झड़ने की समस्या का सामना करना पड़ता है, जबकि लगभग 40% महिलाएं बालों के पतले होने की समस्या से जूझती हैं.

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सबसे जरूरी बात यह है कि समस्या का जल्दी पता लगा लिया जाए तो हेयर फॉल की समस्या रुक भी सकती है. भारत में बाल झड़ने के कुछ बेहद असरदार इलाज मौजूद हैं जो आपको घने और स्वस्थ बाल वापस पाने में मदद कर सकते हैं. यदि आप भी हेयर फॉल की स्थिति से गुजर रहे हैं और आप डॉक्टर के पास जाएंगे तो वो आपको नीचे बताए हुए ट्रीटमेंट सजेस्ट कर सकते हैं, जिनके बारे में आपको पहले से ही पता होना चाहिए.

प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा थेरेपी (Platelet-Rich Plasma Therapy)

पीआरपी यानी प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा थेरेपी बालों को दोबारा उगाने का नॉन-सर्जिकल ट्रीटमेंट है. इस प्रक्रिया में मरीज के खुद के ब्लड का सैंपल लिया जाता है और उसे सेंट्रीफ्यूज मशीन में घुमाकर प्लेटलेट्स को अलग किया जाता है. इसके बाद उस एक्टिवेटेड प्लेटलेट्स-रिच प्लाज्मा को सिर के स्कैल्प में इंजेक्ट किया जाता है. यह बालों के फॉलिकल्स को स्टिमुलेट करता है. इससे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ जाता है और बाल घने होने लगते हैं.

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लेजर थेरेपी (Low-Level Laser Therapy-LLLT)

कई लोग ऐसे होते हैं जो सुई या सर्जरी से बचना चाहते हैं, उनके लिए लो-लेवल लेजर थेरेपी एक बेहतरीन नॉन-इनवेसिव ऑपशन है. इस ट्रीटमेंट में स्कैल्प पर लाइट-एमिटिंग डायोड (LEDs) या लेजर लाइट डाली जाती है जो बालों की कमजोर कोशिकाओं में जाकर उन्हें एक्टिव करती है जिससे बालों की डेंसिटी सही होती है और उनका टूटना भी बंद हो जाता है.

हेयर ट्रांसप्लांट (Hair Transplant Surgery)

यदि किसी को परमानेंट गंजापन आ चुका है तो हेयर ट्रांसप्लांट उसके लिए असरदार और परमानेंट सॉल्यूशन माना जाता है. हालांकि यह एक सर्जिकल प्रोसेस है जिसमें सिर के पिछले हिस्से (जहां घने बाल होते हैं) से हेल्दी हेयर फॉलिकल्स को निकालकर गंजेपन वाले हिस्से में प्लांट किया जाता है.

मिनोक्सिडिल (Minoxidil)

यह एक टॉपिकल सॉल्यूशन यानी लोशन होता है जिसे सीधे स्कैल्प पर लगाया जाता है. यह बालों के झड़ने की शुरुआत में डॉक्टर्स द्वारा सबसे ज्यादा रेकमेंड की जाने वाली दवा है. मिनोक्सिडिल ब्लड वेसल्स को चौड़ा करती है जिससे बालों की जड़ों तक ज्यादा न्यूट्रिशन और ऑक्सीजन पहुंचने लगता है. यह बालों के झड़ने की गति को धीमा करता है और नए बालों की ग्रोथ में मदद करता है.

न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट्स (Nutritional Supplements)

कई बार बालों के झड़ने की असली वजह शरीर में जरूरी विटामिंस और मिनरल्स की कमी मानी जाती है. हेयर ग्रोथ के लिए बायोटिन, आयरन, जिंक, विटामिन डी और ओमेगा-3 फैटी एसिड्स बेहद जरूरी हैं. डॉक्टर की सलाह पर सही सप्लीमेंट्स लेने से इन विटामिन और मिनरल्स की कमी दूर होतीहै जो हेल्दी तरीके से बालों की ग्रोथ में मदद करता है.

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