सुप्रीम कोर्ट ने कुंडा से विधायक राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी सिंह के बीच चल रहे पारिवारिक विवाद से जुड़े मामले में अहम फैसला सुनाया है. शीर्ष अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि घरेलू हिंसा से जुड़े इस मामले की सुनवाई दिल्ली की साकेत जिला अदालत में ही होगी. यह मामला अब राउज एवेन्यू स्थित एमपी-एमएलए विशेष अदालत में नहीं भेजा जाएगा. सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को पलट दिया. अदालत ने कहा कि मामले की सुनवाई साकेत जिला अदालत में ही जारी रहेगी.
राजा भैया की तरफ से पेश हुए वकील ध्रुव गुप्ता ने बताया कि राजा भैया के खिलाफ उनकी पत्नी भानवी सिंह ने घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराया हुआ है. इस मामले की सुनवाई पहले से साकेत जिला अदालत में चल रही थी. वकील ध्रुव गुप्ता ने बताया कि भानवी सिंह लगातार यह मांग कर रही थीं कि इस मामले की सुनवाई साकेत जिला अदालत की बजाय दिल्ली के राउज एवेन्यू स्थित एमपी-एमएलए विशेष अदालत में कराई जाए. दिल्ली हाईकोर्ट ने भी अपने आदेश में मामले को राउज एवेन्यू स्थित विशेष अदालत में स्थानांतरित करने की बात कही थी.
सुप्रीम कोर्ट ने पलटा दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के इस आदेश से सहमति नहीं जताई. शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि घरेलू हिंसा से जुड़ा यह मामला दीवानी यानी सिविल प्रकृति का है. इसलिए इसकी सुनवाई सामान्य अधिकार क्षेत्र वाली अदालत में ही होनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि राउज एवेन्यू स्थित एमपी-एमएलए विशेष अदालत का गठन जनप्रतिनिधियों से जुड़े आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए किया गया है. ऐसे में घरेलू हिंसा जैसे सिविल प्रकृति के मामले को वहां भेजना उचित नहीं है.
भानवी सिंह ने राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई की रखी थी मांग
इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश रद्द करते हुए निर्देश दिया कि राजा भैया और भानवी सिंह के बीच चल रहे घरेलू हिंसा मामले की सुनवाई साकेत जिला अदालत में ही जारी रहेगी. इस फैसले के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया अब साकेत कोर्ट में ही चलेगी. सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश ने यह भी साफ कर दिया कि किस प्रकार के मामलों की सुनवाई एमपी-एमएलए विशेष अदालत में की जा सकती है और किन मामलों की नहीं.
संजय शर्मा