बेंगलुरु के पास बागेपल्ली में पुलिस ने अवैध तरीके से रह रहे दो पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए लोगों में एक महिला, उसका बेटा शामिल हैं, जो वीजा खत्म होने के बाद भी चोरी-छिपे भारत में रह रहे थे. हैरान करने वाली बात यह है कि भारतीय नागरिकता न होने के बावजूद इन दोनों ने वोटर आईडी, राशन कार्ड, आधार कार्ड जैसे जरूरी भारतीय दस्तावेज भी बनवा लिए थे. मामला सामने आने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
गिरफ्तार महिला की पहचान फरहानाज और उनके बेटे मोहम्मद फर्दीन खान के रूप में हुई है. दोनों बागेपल्ली तालुक के दसगारेपल्ली गांव में रह रहे थे. पुलिस के मुताबिक, पाकिस्तानी नागरिक फरहानाज की शादी इसी गांव के रहने वाले अयूब खान से हुई थी, जिनसे उनके दो बच्चे हैं. शुरुआती जांच में सामने आया कि मां-बेटा दोनों पाकिस्तानी नागरिक हैं. आरोप है कि वीजा की अवधि खत्म होने के बाद भी वे भारत में रह रहे थे. इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया.
जांच में मिले कई भारतीय पहचान पत्र
शुरुआती छानबीन के दौरान अधिकारियों को पता चला कि दोनों ने न सिर्फ भारतीय पहचान पत्र हासिल कर लिए थे, बल्कि बैंक खाते भी खुलवा रखे थे. फिलहाल प्रशासन इन सभी दस्तावेजों के असली होने की जांच कर रहा है, ताकि पता चल सके कि इन्हें बनाने में किसने मदद की. दरअसल, बिना नागरिकता के ऐसे कागजात हासिल करना पूरी तरह गैरकानूनी है, इसलिए मामला काफी गंभीर हो गया है.
यह पूरा एक्शन बागेपल्ली तालुक की अधिकारी मनीषा एन. पात्री की लिखित शिकायत के बाद शुरू हुआ. जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिले आदेश के बाद जब इस पूरे मामले की जांच कराई गई, तब जाकर इस जालसाजी का खुलासा हुआ. इस बीच पुलिस ने शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर ली है, आगे की पड़ताल मुस्तैदी से की जा रही है.
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों के नाम पर ये तमाम कागजात, बैंक खाते कैसे बने. यह भी जांच की जा रही है कि इस खेल में किसी और की भूमिका तो नहीं थी. अधिकारियों का साफ कहना है कि सभी दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है, हालांकि पूरी पड़ताल खत्म होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी.
सगाय राज