ट्रेंड में आई छेद वाली ईंटें... डबल मजबूती के लिए इससे घर बनवा रहे लोग!

भारत में भी अब तीन छेद वाली ईंटों को ट्रेंड बढ़ रहा है और अब लोग घर की दीवारों को मजबूत करने के लिए इनका इस्तेमाल करते हैं.

Advertisement
 तीन छेद वाली ईंटों से अब घर बनाए जा रहे हैं. (Photo: Pexels) तीन छेद वाली ईंटों से अब घर बनाए जा रहे हैं. (Photo: Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 जून 2026,
  • अपडेटेड 1:32 PM IST

अब घर बनवाने का पैटर्न भी लगातार बदलता जा रहा है. पहले जिन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता है, अब उनसे अलग तरीकों का इस्तेमाल होने लगा है. ये नई तकनीक घर की मजबूती को भी बढ़ा रही हैं और खर्चा भी कम कर रही है. इस क्रम में अब ईंट का इस्तेमाल भी बदल गया है. अब लोग पारंपरिक लाल ईंट की जगह खास तरह की छेद वाली ईंटों को इस्तेमाल कर रहे हैं, जो मजबूती की वजह से ट्रेंड में है. तो जानते हैं ये ईंटें कैसी होती हैं और इस टेक्निक पर काम करती है, जिसकी वजह से मजबूती के लिए लोग इन्हें खरीद रहे हैं. 

Advertisement

कैसी होती है ये ईंटें?

कुछ ईंटें खोखली भी होती हैं और कुछ ईंटों में तीन छेद होते हैं. तीन छेद वाली ईंटें लाल कलर की होती है, जो आम ईंट की तरह ही होती है. इसमें सिर्फ तीन  छेद होते हैं. इसके अलावा सीमेंट से बनी ईटें भी होती हैं, जो काफी खोखली होती है. इसमें सिर्फ बाउंड्री होती है और ये बीच से खाली होती है और ये इंटरलॉक मैथड पर काम करती है. इन ईंट को इंटरलॉकिंग होलो कंक्रीट ब्लॉक या ग्रूटेड सेलुलर कंक्रीट ब्लॉक्स कहा जाता है.

छेद वाली ईंटों को दीवार बनाते वक्त एक के ऊपर एक रखा जाता है और फिर इन छेदों में सीमेंट का मसाला भरा जाता है. ऐसे में इन तीन छेदों में भरा सीमेंट का मसाला तीन पिलर का काम करते हैं और इससे दीवार की मजबूती कई गुना तक बढ़ जाती है. भले ही इन ईंटों में सीमेंट का इस्तेमाल थोड़ा ज्यादा होता है, लेकिन इससे दीवार में कई पिलर बन जाते हैं और सीमेंट के ये पिलर मजबूती देते हैं. कई लोग इन छेद में सरिया भी डलवा देते हैं, जिससे मजबूती और भी ज्यादा बढ़ जाती है. 

Advertisement

इन ईंटों में कुछ ईंट ऐसी होती हैं, जिन्हें बिना मसाले के ही लगाया जाता है और इंटरलॉक के जरिए एक दूसरे में फंसाया जाता है और फिर बीच में सीमेंट का मसाला भरा जाता है. इससे भी दीवार की मजबूती ज्यादा हो जाती है और सीमेंट की ईंट होने पर कई सालों तक पुख्ता इंतजाम हो जाता है. 

क्या महंगी पड़ती हैं ये ईटें?

अगर सामान्य लाल ईंट में छेद वाली ईंट लेते हैं तो रेट में ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है, लेकिन अगर सीमेंट की इंटरलॉकिंग वाली ईंट लेते हैं तो खर्चा काफी बढ़ जाता है. इंडिया मार्ट पर व्यापारियों की ओर से की गई लिस्टिंग के अनुसार, ये 40 से 50 रुपये के बीच आती है. इसमें अलग पैटर्न के अलग दाम होते हैं. ये सामान्य ईंट से थोड़ी बड़ी होती है, लेकिन इससे निर्माण में मजदूरी के पैसे कम लगते हैं. जब गुजरात में भूकंप आया था तो इससे घर बनाने को मंजूरी दे दी गई थी, क्योंकि भूकंप हाई जोन क्षेत्र में ये ईंट काफी कारगर साबित होती है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »