ट्रेन के 1एसी कोच के एक प्राइवेट कूपे को सुहागरात वाले रूम की तरह पैसेंजर ने सजा रखा था. ऐसा उसने शायद अपनी पार्टनर को सरप्राइज देने के लिए किया था. इस फर्स्ट एसी कूपे का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है. इंटरनेट पर 'सुहागरात कोच' के नाम से इस फर्स्ट क्लास कूपे की खूब चर्चा हो रही है. ऐसे में जानते हैं कि आखिर फर्स्ट क्लास का यह प्राइवेट कूपे कैसे बुक हो सकता है और किन्हें मिलता है.
आगे बढ़ने से पहले हमें यह जान लेना चाहिए कि फर्स्ट क्लास में किस तरह से बर्थ अरेंजमेंट होता है? किसी भी ट्रेन के 1एसी में बर्थ अरेंजमेंट दो तरह से होता है. एसी कोच में साइड वाली बर्थ नहीं होती है. इसकी जगह गलियारा बना होता है और सामने अलग- अलग केबिन बने होते हैं, जिनमें अंदर ऊपर नीचे चार बर्थ होती है. इसी में कुछ केबिन ऐसे होते हैं, जिनमें सिर्फ ऊपर नीचे सिर्फ दो बर्थ होते हैं, इसे ही पर्सनल कूपे कहा जाता है. यानी फर्स्ट एसी में घुसते के साथ गलियारे से होते हुए आप अलग- अलग बने केबिन और कूपे में जा सकते हैं. फर्स्ट एसी में बर्थ रिजर्व करने पर इन्हीं केबिन और कुछ पर्सनल कूपे में से किसी एक में आपको भी एक बर्थ मिलता है.
सेकंड क्लास एसी में और फर्स्ट क्लास में बस यही अंतर होता है कि 1एसी में साइड वाली बर्थ की जगह गलियारा होता है. वहीं सेकंड एसी में ऊपर नीचे साइड बर्थ भी होते हैं और जहां ऊपर नीचे चार बर्थ होते हैं, उस एरिया को क्लोज नहीं किया जाता है. वहीं फर्स्ट एसी में बर्थ वाले एरिया को क्लोज कर केबिन और कूपे बना दिया जाता है. साथ ही इनमें जगह कुछ ज्यादा होती है.
कैसे बुक होता है पर्सनल कूपे
अब आते हैं कि ट्रेन में फर्स्ट एसी में सिर्फ प्राइवेट कूपे ही कैसे बुक कराया जा सकता है. दरअसल, भारतीय रेलवे में फर्स्ट एसी में प्राइवेट कूपे बुक करने के लिए, एक ही PNR पर दो यात्रियों की बुकिंग करना जरूरी होता है. क्योंकि, एक पीएनआर पर अगर दो लोग या पति-पत्नी फर्स्ट एसी में बर्थ बुक करवा रहे हैं तो उन्हें कूपे आवंटित करने में प्राथमिकता दी जाती है. ज्यादा संभावना होती है कि अंतिम समय में ऐसे पैसेंजर को कूपे मिल जाए. हालांकि, 100 प्रतिशत कूपे मिलने की कोई गारंटी नहीं होती है.
जैसा कि हम जानते हैं कि कूपे एक दो बर्थ वाला कंपार्टमेंट होता है. ऐसे में अगर एक ही पीएनआर पर एक साथ दो पैसेंजर ने बुकिंग की है तो उन्हें ऐसी सीट मिलने की संभावना ज्यादा होती है. IRCTC वेबसाइट या IRCTC रेल कनेक्ट ऐप पर कई बार फर्स्ट एसी (1ए) क्लास में बर्थ बुकिंग के वक्त सीट चुनने के विकल्प आते हैं. इसमें पर्सनल कूपे चुनने पर भी यह सीट मिलने की संभावना बढ़ जाती है.
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भारतीय रेलवे के आरक्षण चार्ट मैन्युअल रूप से तैयार किए जाते हैं. आमतौर पर ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 2 से 4 घंटे पहले ये तैयार होते हैं. रेलवे कर्मचारी आमतौर पर कूपे के आवंटन में कपल या अकेले यात्रा करने वाले यात्रियों को प्राथमिकता देते हैं.
ऐसे में यदि आपको चार्ट पर कोई कूपे सीट नहीं मिलती है, तो आप विनम्रतापूर्वक टीटीई से अनुरोध कर सकते हैं कि यदि ट्रेन खुलने के बाद कोई कूपे सीट खाली रहती है तो वे आपको दोबारा वो बर्थ अलॉट कर दें. विशेष परिस्थितियों के लिए स्टेशन पर टीटीई या रेलवे अधिकारी से भी आप कूपे आवंटित करने का रिक्वेस्ट कर सकते हैं. प्राथमिकता और उपलब्धता के आधार पर ऐसे में आपको कूपे मिल सकता है.
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