उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के दयारा बुग्याल क्षेत्र से लापता हुई महिला बबीता का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है. नैनीताल जिले के रामनगर निवासी बबीता 29 तारीख की रात बेस कैंप गोई से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई थीं. घटना के बाद से प्रशासन, पुलिस और विभिन्न एजेंसियां लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई हैं, लेकिन कई दिनों की खोजबीन के बावजूद सफलता हाथ नहीं लगी है.
इस बीच बबीता के चचेरे भाई पंकज पांडे ने दावा किया है कि बबीता ने 27 या 28 मई को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर हर्षिल स्थित लामा टॉप की कुछ तस्वीरें साझा की थीं. इन तस्वीरों को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है. प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी के पास बबीता से जुड़ी कोई सूचना हो तो तत्काल संबंधित अधिकारियों को जानकारी दें. फिलहाल खोज अभियान लगातार जारी है.
शुरुआती चरण में चलाए गए सर्च एवं रेस्क्यू अभियान में सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की टीमों की भी मदद ली गई थी. हालांकि, अब इन टीमों को वापस भेज दिया गया है. इसके बाद जिला प्रशासन ने खोज अभियान को नई रणनीति के तहत आगे बढ़ाते हुए नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (एनआईएम) की विशेषज्ञ टीम को अभियान में शामिल किया है.
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, एनआईएम की टीम उच्च हिमालयी क्षेत्रों में खोज एवं बचाव कार्यों के लिए विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करती है और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में अभियान चलाने का व्यापक अनुभव रखती है. वर्तमान में एनआईएम, पुलिस और अन्य बचाव दल दयारा बुग्याल तथा आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चला रहे हैं.
रविवार को खोज अभियान को और तेज करते हुए हेलीकॉप्टर की मदद से हवाई सर्वेक्षण भी किया गया. प्रशासन का मानना है कि दुर्गम इलाकों में हवाई निगरानी से किसी संभावित सुराग तक पहुंचने में मदद मिल सकती है. लापता महिला की संभावित लोकेशन को लेकर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.
ओंकार बहुगुणा