उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के जंगल इस समय आग की चपेट में हैं. हर तरफ सिर्फ धुएं का गुबार और धधकती लपटें ही नजर आ रही हैं. स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी है. बढ़ते खतरे को देखते हुए उत्तराखंड सरकार जंगलों की आग रोकने में मदद करने वालों को 1 लाख रुपये तक का इनाम देने की तैयारी में है. चमोली के आदिबदरी क्षेत्र में जंगल की आग की चपेट में आने से एक महिला की जान भी चली गई है.
देहरादून में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बढ़ता तापमान, लंबा सूखा और अल-नीनो जैसे कारणों से जंगलों की आग बेकाबू होती जा रही है. मौसम विभाग ने भी चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ेगी और सूखे का दौर लंबा खिंच सकता है. इससे खतरा ज्यादा गहरा जाएगा. इसी चुनौती से निपटने के लिए सरकार जो नया प्लान लाई है, उसमें बेहतर काम करने वाली टीमों और लोगों के लिए 1 लाख रुपये के अलावा 75 हजार और 51 हजार रुपये के पुरस्कार भी तय किए गए हैं, ताकि लोग जागरूक होकर प्रशासन की मदद के लिए आगे आएं.
चमोली में महिला की मौत
उत्तराखंड के कई जिलों में जंगलों की आग अब लोगों की जिंदगी को भी प्रभावित करने लगी है. चमोली जिले के आदिबदरी क्षेत्र से एक दुखद खबर सामने आई है. यहां जंगल में लगी आग की चपेट में आने से सुरेशी देवी नाम की महिला की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि देर रात जंगल में आग तेजी से फैली और महिला उसकी चपेट में आ गईं. चमोली के नारायणबगड़ क्षेत्र के पालछूनी गांव के पास भी जंगलों में आग की घटनाएं सामने आई हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ अज्ञात लोगों द्वारा जंगल में आग लगाए जाने की आशंका है. सूखी घास, तेज हवाओं और बढ़ती गर्मी की वजह से आग तेजी से फैल रही है.
वहीं, विकासनगर के त्यूणी क्षेत्र की देवघार रेंज में आग ने भारी नुकसान पहुंचाया है. यहां जंगलों के साथ सेब के बागीचे और ग्रामीणों की छनिया (मवेशियों के रहने की जगह) भी जलकर राख हो गई हैं. गांव के लोगों में डर और चिंता का माहौल है. नई टिहरी में भी जंगलों की आग थमने का नाम नहीं ले रही. जिला मुख्यालय के पास छमुंड और पोखाल रेंज के कई इलाकों में जंगल लगातार जल रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि धुएं की वजह से सांस लेने में परेशानी हो रही है और जंगली जानवर भी सुरक्षित जगहों की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं.
हिमाचल में हेलिकॉप्टर से बुझाई जा रही आग
सिर्फ उत्तराखंड ही नहीं, हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में भी हालात चिंता बढ़ाने वाले हैं. कसौली के जंगेसू, थारूगढ़ और मनौण गांवों के पास जंगलों में आग लगी हुई है. आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की गाड़ियों के साथ हेलिकॉप्टर की मदद भी ली जा रही है. ऊंचाई वाले इलाकों में हेलिकॉप्टर से पानी का छिड़काव कर आग पर काबू पाने की कोशिश जारी है.
वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 10 साल में उत्तराखंड में 14,638 वनाग्नि की घटनाएं दर्ज हुई हैं. इनमें 23,682 हेक्टेयर से ज्यादा जंगल प्रभावित हुए और कई लोगों की जान भी गई. ऐसे में अब सरकार और स्थानीय लोग मिलकर जंगलों को बचाने की कोशिश में जुटे हैं.
(इनपुट- पंकज भट्ट)
अंकित शर्मा / कमल नयन सिलोड़ी / टीना साहू / राजेश शर्मा