उत्तराखंड के सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने केंद्र से डिग्रेडेड फॉरेस्ट लैंड की मांगी अनुमति

उत्तराखंड के सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आईटी एक्ट के बारे में सुझाव देते हुए कहा कि आईटी एक्ट में विवेचना कम से कम निरीक्षक रैंक के अधिकारी द्वारा की जा सकती है.

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गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक

दिलीप सिंह राठौड़

  • रायपुर,
  • 28 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 6:37 PM IST

  • रायपुर में हुई 22वीं मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक
  • गृह मंत्री अमित शाह ने की बैठक की अध्यक्षता

छत्तीसगढ़ के रायपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 22वीं मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक हुई. इसमें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत भी पहुंचे. इस दौरान सीएम ने प्रदेश के कई मुद्दों पर चर्चा की. सीएम ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि केंद्र और राज्य पोषित सभी योजनाओं में क्षतिपूर्ति वनीकरण के लिए डिग्रेडेड फॉरेस्ट लैंड की अनुमति दी जाए.

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उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लिए राज्य पुलिस आधुनिकीकरण राशि को बढ़ाया जाए. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत खाद्यान्न के परिवहन का संपूर्ण व्यय का वहन भारत सरकार द्वारा किया जाए. दाल पर दी जाने वाली सब्सिडी को जारी रखा जाए. पर्वतीय क्षेत्रों में भंडारण क्षमता के विस्तार में भी सहायता उपलब्ध कराई जाए.

विवेचना का अधिकार उपनिरीक्षक को दे दिया जाए

मुख्यमंत्री ने आईटी एक्ट के बारे में सुझाव देते हुए कहा कि आईटी एक्ट में विवेचना कम से कम निरीक्षक रैंक के अधिकारी द्वारा की जा सकती है. निरीक्षकों की संख्या सीमित है. साइबर क्राइम की बढ़ती संख्या के दृष्टिगत उचित रहेगा कि विवेचना का अधिकार उपनिरीक्षक को दे दिया जाए. इससे साइबर क्राइम की विवेचना तेजी से हो सकेगी.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीपीएस एक्ट की धारा-50 के तहत किसी व्यक्ति से ड्रग्स की बरामदगी के समय राजपत्रित अधिकारी द्वारा सर्च किया जाना अनिवार्य किया गया है. उन्होंने कहा कि राजपत्रित अधिकारियों की सीमित संख्या होने से विवेचना में कठिनाई आती है. अभियुक्त माननीय न्यायालयों में इसका लाभ उठा लेते हैं. इसलिए इस प्रावधान में संशोधन पर विचार किया जाना उचित होगा.

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