'थार है भाई... कहीं भी निकल जाएगी!' शायद हरिद्वार के इन युवकों ने भी कुछ ऐसा ही सोचा होगा. लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह में किया गया यह स्टंट उन पर ही भारी पड़ गया. मामला हरिद्वार के कनखल थाना क्षेत्र के बैरागी कैंप का है. यहां कुछ युवक अपनी महिंद्रा थार की ताकत पर इतने भरोसे में थे कि उसे सीधे गंगा की मुख्य धारा नीलधारा में उतार दिया. मकसद था गाड़ी की इंजन क्षमता और ऑफ-रोडिंग पावर को 'टेस्ट' करना.
शुरुआत में सब कुछ ठीक चलता दिखा, लेकिन जैसे ही थार नदी के बीच पहुंची, उसका बैलेंस बिगड़ गया. तेज बहाव और नदी के तल में फंसने की वजह से गाड़ी आगे बढ़ना बंद हो गई. देखते ही देखते थार पानी में डूबने लगी. अब तक जो युवक स्टंट का मजा ले रहे थे, उनके चेहरे पर घबराहट आ गई.
थार में दो युवक सवार थे. गाड़ी डूबती देख उन्होंने मदद के लिए शोर मचाया. आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला. कुछ ही देर में वहां भारी भीड़ जमा हो गई और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई.
इसके बाद शुरू हुआ असली 'ऑफ-रोड रेस्क्यू'... क्रेन मंगाई गई और काफी मशक्कत के बाद गंगा की तेज धारा में फंसी थार को बाहर निकाला गया. पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड कर लिया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
कनखल पुलिस के मुताबिक, यह घटना 9 जुलाई की है. जांच में सामने आया कि सार्वजनिक जगह पर खतरनाक स्टंट किया जा रहा था. इसलिए थार को मौके पर ही सीज कर दिया गया. पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत की गई है.
इस अभियान के जरिए सार्वजनिक स्थानों पर स्टंटबाजी, हुड़दंग और लोगों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है. इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों के कमेंट आ रहे हैं. कोई इसे 'ओवरकॉन्फिडेंस' बता रहा है तो कोई कह रहा है कि ऑफ-रोडिंग और लापरवाही में फर्क समझना भी जरूरी है.
मुदित अग्रवाल