उत्तराखंड के बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जांच के लिए श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) द्वारा बनाई गई जांच समिति ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी.
बीकेटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोहन सिंह रंगड़ ने बताया कि चार सदस्यीय टीम ने अपनी 18 पन्नों की जांच रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें मंदिर के चढ़ावे की चोरी को रोकने के लिए कई सुझाव दिए गए हैं.
इन सुझावों में गिनती की प्रक्रिया के दौरान ड्रेस कोड लागू करना, उन जगहों और गिनती केंद्र पर नए सीसीटीवी कैमरे लगाना जहां अभी कैमरे नहीं हैं, निगरानी प्रणाली को और मजबूत व जवाबदेह बनाना, और गिनती की प्रक्रिया में श्रद्धालुओं को शामिल करने की व्यवस्था बनाना शामिल है.
बता दें, 2 जुलाई को सोशल मीडिया पर मंदिर के चढ़ावे में हेराफेरी के आरोप सामने आने के बाद बीकेटीसी ने यह समिति बनाई थी.
समिति की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर, बीकेटीसी चेयरमैन के कार्यालय में पर्सनल असिस्टेंट के तौर पर तैनात प्रमोद नौटियाल को सस्पेंड कर दिया गया. इसके बाद नौटियाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और 13 जुलाई को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
इसके साथ ही मंदिर के ट्रेजरर संदेश मेहता का भी ट्रांसफर कर दिया गया है, क्योंकि बताया गया कि चढ़ावे का रिकॉर्ड रखने वाले रजिस्टर में कई जगह ओवरराइटिंग पाई गई थी.
इस बीच, मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या नौटियाल के अलावा कोई और भी इस मामले में शामिल हो सकता है.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पुलिस सूत्रों ने बताया कि चमोली के DSP मदन सिंह की अगुवाई वाली एसआईटी, सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड नौटियाल की पिछली 'संदिग्ध' गतिविधियों के फुटेज का विश्लेषण कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने पहले डिलीट किए गए सीसीटीवी फुटेज को रिकवर करने की कोशिशें शुरू कर दी हैं.
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