उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे और दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं के आरोपों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. सोशल मीडिया पर मामला सामने आने और शिकायत मिलने के बाद श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं. समिति का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.
1 जुलाई को बदले गए थे 32 सीसीटीवी
इसी बीच जांच में जानकारी सामने आई है कि बद्रीनाथ में 1 जुलाई को 32 सीसीटीवी बदले गए थे. हेरफेर का आरोप बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के एक कर्मचारी पर लगा है. हालांकि, बीकेटीसी (बद्रीनाथ धाम कमेटी) कैमरे बदलने की प्रक्रिया को सामान्य प्रक्रिया बता रहा है.
बद्रीनाथ के मुख्यकार्यधिकारी सोहन सिंह रांगड ने बताया कि 1 जुलाई को बद्रीनाथ धाम में सीसीटीवी कैमरे बदले गए थे. ये सीसीटीवी किसी दानदाता ने दिए थे. वहीं उन्होंने कहां की पुरानी रिकॉर्डिंग डिवीआर में पूरी तरह से सुरक्षित हैं. जांच रिपोर्ट में पूरी बात सामने आ जाएगी. फिलहाल बीकेटीसी अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को मंदिर के कामकाज से दूर रखा गया है.
47 मंदिरों का प्रबंधन करती है बद्रीनाथ मंदिर
बद्रीनाथ केदारनाथ समिति बद्रीनाथ मंदिर के साथ-साथ अन्य 47 मंदिरों का प्रबंधन करती है. आपको बता दें कि इससे पहले बद्रीनाथ-केदारनाथ समिति पर दर्शन कराने के नाम पर पैसों का दुरुपयोग करने का आरोप लगा था. फिलहाल मामले की सत्यता जांच के बाद सामने आएगी. लेकिन जिस तरह मामला खुला है वह गंभीर विषय है.
कमल नयन सिलोड़ी / अंकित शर्मा