UP: पॉक्सो एक्ट में काटी 3 साल जेल, अब बच्चे की देखभाल के नाम पर मिली जमानत

पुलिस के मुताबिक, लड़की के पिता ने अपनी बेटी के अपहरण और बलात्कार के आरोप में लखीमपुर खीरी में केस दर्ज कराया था जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को 1 अक्टूबर 2019 को गिरफ्तार कर लिया था.

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कोर्ट ने आरोपी को बच्चे और उसकी मां की देखभाल की शर्त पर जमानत दी है. कोर्ट ने आरोपी को बच्चे और उसकी मां की देखभाल की शर्त पर जमानत दी है.

सत्यम मिश्रा

  • लखनऊ,
  • 04 जून 2022,
  • अपडेटेड 6:03 AM IST
  • आरोपी ने नाबालिग लड़की से शादी की थी
  • आरोपी पर दर्ज हुआ था रेप और पॉक्सो का केस

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक ऐसे व्यक्ति को जमानत दे दी है, जिसके ऊपर पॉक्सो के मामले में केस दर्ज है. इस मामले में घटना के वक्त यानी तीन साल पहले आरोपी की पत्नी नाबालिग थी. लड़की के पिता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ रेप किए जाने का केस दर्ज किया गया था.

पुलिस के मुताबिक, लड़की के पिता ने अपनी बेटी के अपहरण और बलात्कार के आरोप में लखीमपुर खीरी में केस दर्ज कराया था जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को 1 अक्टूबर 2019 को गिरफ्तार कर लिया था. आरोपी का कहना था कि उन्होंने शादी की है. हालांकि, तब शादी कानूनी रूप से वैध नहीं थी, क्योंकि लड़की नाबालिग थी. ऐसे में आरोपी पर IPC और POCSO अधिनियम के तहत पीड़िता के पिता की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था. 

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वहीं, इस मामले में कोर्ट ने जमानत इस शर्त पर दी कि वह बच्चे और मां की देखभाल करेगा, जो अब उसकी पत्नी है. आवेदक की ओर से याचिका में कहा गया है कि वह उस लड़की से प्यार करता था, जो उसी के गांव की है और उसी के समुदाय से ताल्लुक रखती है.

लड़की के परिवार वालों के डर से वह उसके साथ भाग गया था. बाद में उन्होंने एक मंदिर में शादी कर ली थी. जानकारी के मुताबिक, कोर्ट की सुनवाई के दौरान अदालत ने बच्चे के भविष्य पर चिंता जताई और कहा कि नवजात बच्चे की क्या गलती, जो ऐसी परिस्थितियों में पैदा हुआ.

व्यक्ति की याचिका को लखनऊ बेंच ने इस शर्त पर स्वीकार करते हुए जमानत दी कि वह अपनी पत्नी और बच्चे की देखभाल करेगा और अपनी रिहाई के छह महीने के भीतर नवजात बच्चे के नाम पर 2 लाख रुपये की एक निश्चित राशि जमा करेगा.

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