क्या वाकई लव जिहाद के खिलाफ होगा योगी सरकार का कानून?

ड्राफ्ट में कहा गया था कि एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन कराने के लिए, अगर कोई व्यक्ति किसी भी तरह की जबरदस्ती या ताकत का इस्तेमाल करता है तो वो नए कानून के तहत सजा का पात्र होगा

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो- पीटीआई) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो- पीटीआई)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 नवंबर 2020,
  • अपडेटेड 8:01 AM IST
  • लव जिहाद पर लगाम लगाने की तैयारी
  • लव जिहाद पर कानून लाने का ऐलान
  • यूपी की योगी सरकार लाएगी कानून

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लव जिहाद के खिलाफ कानून बनाने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लव जिहाद के खिलाफ कानून बनाए जाने का ऐलान करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक फैसले का भी जिक्र किया, जिसमें हाई कोर्ट ने कहा है कि सिर्फ शादी के लिए धर्म परिवर्तन को स्वीकार नहीं किया जा सकता. 

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हालांकि, सवाल उठ रहा है कि योगी सरकार जो कानून लाने की बात कर रही है, वो वाकई लव जिहाद के खिलाफ होगा या धर्मांतरण की आड़ में महिला उत्पीड़न के खिलाफ होगा.

दरअसल, अपनी टिप्पणी में हाई कोर्ट ने कहा कि इस्लाम के बारे में बिना जाने और बिना आस्था और विश्वास के धर्म बदलना स्वीकार्य नहीं है. सिर्फ शादी करने के उद्देश्य से धर्म बदलना, इस्लाम के खिलाफ है. बता दें कि आम तौर पर अगर शादी के लिए किसी हिंदू लड़की का धर्म परिवर्तन होता है या इस तरह की कोई कोशिश होती है तो इसे लव जिहाद कहा जाता है. हालांकि कानून की नजर में लव जिहाद जैसे शब्द की कोई व्याख्या नहीं है. 

ऐसे में सवाल ये है कि योगी सरकार जो कानून लेकर आने की बात कर रही है, वो वाकई लव जिहाद के खिलाफ होगा या धर्मांतरण की आड़ में महिला उत्पीड़न के खिलाफ, क्योंकि उत्तर प्रदेश विधि आयोग ने राज्य में धर्मांतरण रोकने के लिए कानून बनाने की सिफारिश की थी और इस नए कानून का ड्राफ्ट भी सरकार को सौंपा था.

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इस ड्राफ्ट में कहा गया था कि एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन कराने के लिए, अगर कोई व्यक्ति किसी भी तरह की जबरदस्ती या ताकत का इस्तेमाल करता है तो वो नए कानून के तहत सजा का पात्र होगा. किसी भी तरह के पैसे का लालच, पद का लालच, नौकरी का लालच या स्कूल-कॉलेज में दाखिले का लालच भी धर्मांतरण के नए कानून के दायरे में आएगा.

इसके साथ ही शादी के लिए गलत नीयत से धर्म परिवर्तन या धर्म परिवर्तन के लिए की जा रही शादियां भी नए नियम में धर्मांतरण कानून के तहत आएंगी. वहीं अगर कोई किसी को धर्म परिवर्तन करने के लिए मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना देता है तो वो भी इस नए कानून के दायरे में आएगा. लॉ कमीशन के इस नए ड्राफ्ट में कड़े कानून की अनुशंसा की गई है.

सजा का प्रावधान

धर्मांतरण के मामले में अगर माता-पिता, भाई-बहन या अन्य ब्लड रिलेशन से कोई शिकायत करता है तो उनकी शिकायत पर कार्रवाई की शुरुआत की जा सकती है. लॉ कमीशन ने अपनी सिफारिश में धर्मांतरण के लिए दोषी पाए जाने पर एक साल से लेकर पांच साल तक की सजा का प्रावधान किया है. 

जानकारों की मानें तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लव जिहाद के खिलाफ जिस कानून की बात कर रहे हैं, वो यही धर्मांतरण कानून है. जिसकी सिफारिश यूपी के लॉ कमीशन ने सरकार से की है. ऐसा कानून लागू करने वाला उत्तर प्रदेश कोई पहला राज्य भी नहीं होगा बल्कि देश का नौंवा राज्य होगा क्योंकि आठ राज्य धर्मांतरण के खिलाफ कानून लागू कर चुके हैं.

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इन राज्यों में लागू

ओडिशा पहला राज्य था, जिसने धर्मांतरण के खिलाफ कानून बनाया था. अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात में धर्मांतरण कानून लागू किए जा चुके हैं. वहीं इन सभी राज्यों में धर्मांतरण कानून किसी एक धर्म विशेष पर नहीं बल्कि सभी धर्मों पर लागू होता है. यूपी में भी जिस धर्मांतरण कानून को लागू करने की सिफारिश लॉ कमीशन ने की है, उसमें भी यही प्रावधान है.

 

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