सुबह देर से उठी पत्नी तो दे दिया तीन तलाक, संसद में रविशंकर ने किया मामले का जिक्र

गुल अफशां का मामला कोई पहला मामला नहीं है बल्कि इससे पहले भी कई मुस्लिम महिलाओं को ई-मेल और SMS के जरिए बिना किसी पुख्ता कारण के तीन तलाक दे दिया गया है.

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पीड़िता गुल अफशां पीड़िता गुल अफशां

अनुग्रह मिश्रा

  • रामपुर,
  • 28 दिसंबर 2017,
  • अपडेटेड 1:06 PM IST

देश में तीन तलाक को लेकर राजनीतिक घमासान के बीच बुधवार को तलाक का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. उत्तर प्रदेश के रामपुर में देर से सोकर उठने पर पति ने अपनी पत्नी को तलाक दे दिया. पीड़िता गुल अफशां ने बताया कि उनके पति ने इसी वजह से उन्हें एक बार में तीन तलाक दे दिया. केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को संसद में तीन तलाक के खिलाफ विधेयक पेश करते हुए इस मामले का जिक्र किया और कहा कि मुस्लिम महिलाओं को हक दिलाने के लिए हम विधेयक लाए हैं.

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मामला रामपुर के अजीमनगर का है. पीड़िता ने बताया कि पति उनके साथ मारपीट भी करता था और सुबह जब वो देर से सोकर उठीं तो पति ने उन्हें तीन तलाक दे दिया. गुल अफशां का मामला है बल्कि इससे पहले भी कई मुस्लिम महिलाओं को ई-मेल और SMS के जरिए बिना किसी पुख्ता कारण के तीन तलाक दे दिया गया है.

पेश होगा रोक लगाने वाला बिल

लोकसभा में आज ही तीन तलाक के चलन को समाप्त करने के प्रस्ताव वाला विधेयक पेश किया जाएगा. लोकसभा की कार्यसूची के मुताबिक, तीन तलाक से संबंधित मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक 2017 निचले सदन में रखा जाना है. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी इस बिल को समर्थन देने की बात कही है.   

AIMPLB ने बताया महिला विरोधी

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इस बिल को बताया है. बीते रविवार को लखनऊ में इस संबंध में पर्सनल लॉ बोर्ड की वर्किंग कमेटी की बैठक हुई. इस बैठक में तीन तलाक पर प्रस्तावित बिल को लेकर चर्चा की गई. कई घंटों चली बैठक के बाद बोर्ड ने इस बिल को खारिज करने का निर्णय लिया.  

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सुप्रीम कोर्ट भी सख्त

सुप्रीम कोर्ट की ओर से पहले ही तीन तलाक को असंवैधानित घोषित किया जा चुका है. अब सरकार भी बिल लाकर संवैधानिक तौर पर तीन तलाक को अपराध की श्रेणी में लाने जा रही है. मोदी सरकार को गठन के बाद मुस्लिम महिलाएं ने तीन तलाक पर रोक लगाने के लिए काफी लंबे समय से मांग कर रही थीं.

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