कैसा है हाथरस गैंगरेप पीड़िता के परिवार का हाल, भीम आर्मी ने जारी किया वीडियो

हाथरस के बूलगढ़ी गांव में 14 सितंबर को एक 19 साल की दलित लड़की के साथ चार लड़कों ने खेतों में बलात्कार किया था. कई दिनों तक अस्पताल में इलाज के बाद 29 सितंबर को उसने दिल्ली सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया. अगले ही दिन रात 2.45 बजे पुलिस ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया था.

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गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है (फोटो-पीटीआई) गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है (फोटो-पीटीआई)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 9:39 AM IST
  • हाथरस गैंगरेप पीड़िता के परिवार से किसी को मिलने नहीं दिया जा रहा है
  • 14 सितंबर को हुआ था गैंगरेप, 29 सितंबर को पीड़िता की हुई थी मौत

हाथरस गैंगरेप को लेकर पूरे देश में गुस्से का माहौल है. राजनीतिक दल उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमलावर हैं और सोशल मीडिया पर भी लोग अपने रोष का इजहार कर रहे हैं. इस बीच योगी आदित्यनाथ सरकार ने कड़ा फैसला लेते हुए हाथरस के एसपी और डीएसपी समेत 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है. लेकिन सड़क से लेकर राजनीतिक विरोध के बीच एक सवाल उठ रहा है कि हाथरस की पीड़िता का परिवार कहां है और कैसा है?

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एसआईटी की टीम के गांव में पहुंचने के बाद से परिवार तक पहुंच पाना मुश्किल हो गया है. लेकिन आज आपको वो सच बताने जा रहे हैं, जो पीड़ित परिवार के साथ हो रहे जुल्म और ज्यादती की हकीकत बयां कर रहा है. भले ही कोई लाख पहरे बिठाए लेकिन सच बाहर आ ही जाता है. हाथरस के इस गांव में हर तरफ पुलिस का पहरा है. 

एक परिवार जो अपनी बेटी को खोने के बाद इंसाफ की आस में बैठा है, उसकी आवाज को बाहर आने नहीं दिया जा रहा है. पीड़िता के परिवार को पुलिस ने घर में ही कैद कर दिया है. पीड़िता के घर ना किसी को आने की इजाजत है और ना ही वहां तक किसी को जाने की.

अगर कोई पुलिस के पहरे को पार कर पीड़िता के घर जाने की कोशिश करता है तो उसके साथ क्या सलूक होता है, वो तस्वीरें ही बयां करने के लिए काफी हैं. लेकिन इस पहरेदारी के बीच एक ऐसा सच सामने आया है जो पीड़िता के परिवार के साथ हो रहे जुल्म और ज्यादती को सबके सामने लाता है. 

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भीम आर्मी ने जारी किया वीडियो

पीड़िता के घरवालों से बातचीत का एक वीडियो भीम आर्मी ने जारी किया है. इस वीडियो में पीड़ित परिवार के साथ पुलिस और प्रशासन की तरफ से हो रही नाइंसाफी की पूरी हकीकत कैद है. ये वीडियो दिखाता है कि कैसे उस परिवार को दबाने की कोशिश हो रही है जिसने अपनी बेटी को खो दिया है.

जरा इस परिवार की हालत को कुछ पल के लिए महसूस कीजिए, सोचिए उस परिवार की क्या हालत होगी, जिसकी बेटी आखिरी वक्त में भी उन्हें नसीब नहीं हुई. अब जब ये परिवार अपनी बेटी के लिए हुक्मरानों से इंसाफ मांग रहा है तो उसकी आवाज पर भी पहरा बिठाया जा रहा है.

भीम आर्मी के इस वीडियो में पीड़ित परिवार पुलिस और प्रशासन की मनमानी से पर्दा उठा रहा है. अब देखना ये होगा कि इस वीडियो के जरिए परिवार ने जो अपनी आवाज बुलंद करने की कोशिश की है, उससे हुक्मरानों के कानों पर कितनी जूं रेंगती है.

गौरतलब है कि हाथरस के बूलगढ़ी गांव में 14 सितंबर को एक 19 साल की दलित लड़की के साथ चार लड़कों ने खेतों में बलात्कार किया था. कई दिनों तक अस्पताल में इलाज के बाद 29 सितंबर को उसने दिल्ली सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया. अगले ही दिन रात 2.45 बजे पुलिस ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया था.

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