गाजियाबादः मरीज में ब्लैक, व्हाइट और येलो तीनों ही फंगस, 5 दिन में हो गई मौत

गाजियाबाद में एक ऐसे मरीज की मौत हो गई जिसमें ब्लैक और व्हाइट समेत तीन फंगस के लक्षण थे और 23 मई को बीमारी के बारे में पता चलने पर इलाज किया जा रहा था. लेकिन 5 दिन में ही उसकी मौत हो गई.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

मयंक गौड़

  • गाजियाबाद ,
  • 29 मई 2021,
  • अपडेटेड 12:38 AM IST
  • 'इलाज के दौरान हार्टअटैक और टॉक्सिमिया से मौत हो गई'
  • ब्लैक-व्हाइट के अलावा येलो फंगस भी आ गयाः डॉ. त्यागी
  • मरीज के शरीर में तीनों फंगस के बारे में 23 को पता चला

कोरोना संकट के बीच ब्लैक और व्हाइट फंगस ने लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी थीं. और अब येलो फंगस नाम की नई समस्या भी सामने आ रही है. गाजियाबाद में शुक्रवार को एक ऐसे मरीज की मौत हो गई जो ब्लैक और व्हाइट के अलावा येलो फंगस से भी ग्रस्त था और इलाज के बावजूद बचाया नहीं जा सका.

गाजियाबाद के ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉक्टर बीपी त्यागी जिन्होंने पहली बार यह दावा किया था कि ब्लैक और व्हाइट फंगस के अलावा येलो फंगस भी है. उन्होंने बताया कि मरीज जो गाजियाबाद के संजय नगर इलाके का रहने वाला था और जिसमें ये तीनों फंगस बीती 23 तारीख को पता चले थे.

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उन्होंने बताया कि उसकी रोजाना सर्जरी की जा रही थी और जो दवाई दी जा सकती थी वह दी जा रही थी. लेकिन लगातार इलाज के बावजूद उनकी शुक्रवार को मौत हो गई.

आपको बता दें कि डॉक्टर बीपी त्यागी ने यह दावा किया था कि ब्लैक और व्हाइट के अलावा अब यह येलो फंगस भी आ गया है.

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तीनों फंगस की वजह से जिंदगी की जंग हारने वाले इस मरीज के मामले में डॉक्टर बीपी त्यागी ने दावा किया था कि इस मरीज में तीनों फंगस ब्लैक, व्हाइट और येलो का संक्रमण मौजूद थे.

हर्ष ईएनटी अस्पताल के वरिष्ठ ईएनटी चिकित्सक डॉ. त्यागी के अनुसार येलो फंगस काफी खतरनाक होता है और टॉक्सिमिया ( toxemia) पैदा करता है. मरीज की इलाज के दौरान हार्टअटैक और टॉक्सिमिया से मौत हो गई. उनके साथ सभी तरह के इलाज के बाद भी उन्हें नहीं बचाया जा सका.

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