आधार नंबरों के फर्जीवाड़े से यूपी में PDS राशन घोटाला, हरकत में आई सरकार

पीडीएस के तहत ज़रूरतमंदों को सस्ते दर पर राशन मिलता है. लेकिन उत्तर प्रदेश में घोटालेबाज आधार नंबर के फर्जीवाड़े से पीडीएस की पलीता लगा रहे हैं.

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आधार कार्ड आधार कार्ड

पीडीएस यानि सार्वजनिक वितरण प्रणाली वो व्यवस्था है जिसके तहत ज़रूरतमंदों को सस्ते दर पर राशन मिल सके. लेकिन घोटालेबाज और मुनाफाखोर किस तरह आधार नंबर के फर्जीवाड़े से पीडीएस की पलीता लगा रहे हैं, इसका सबूत देश के सबसे बड़े सूबे यूपी में सामने आया है. यहां आधार नंबर के फर्जीवाड़े से टनों राशन हड़प लिया गया जिसे पीडीएस के जरिए जरूरतमंदों को बांटा जाना था. योगी आदित्यनाथ सरकार फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ इस मामले की व्यापक जांच करा रही है.   

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धोखाधड़ी के इस मामले में सामने आया है कि पीडीएस के तहत राशन दुकान मालिकों ने लाभार्थियों के आधार कार्डों को अपने जानने वालों के आधार कार्डों से बदल दिया. इस तरह टनों राशन निकालने के लिए हजारों फर्जी आधार नंबरों का इस्तेमाल किया गया.  

राज्य सरकार को इस घोटाले का तब पता चला जब कई जिलों से बड़ी संख्या में लोगों को राशन न मिलने की शिकायतें सामने आईं. बताया जा रहा है कि प्रदेश के 43 जिलों में 1.86 लाख से अधिक परिवारों का राशन बाजार में बेचा गया.

यूपी के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री अतुल गर्ग ने 'इंडिया टुडे' को बताया, “जबसे हमारी सरकार सत्ता में आई है तबसे हमने पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश की है. लाभार्थियों को राशन पहुंचाने के लिए आधार कार्ड को लिंक करने वाली एजेंसी दोषी है. इस फर्जीवाड़े में शामिल बहुत से लोगों के खिलाफ पहले ही कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है. और भी बहुत सारों की पहचान की जा रही है. हम एफआईआर दर्ज कर रहे हैं और घोटाले में शामिल एक एक व्यक्ति को दंडित किया जाएगा. उन्हें गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा. हम तीन महीन में ही इस फर्जीवाड़े को पकड़ने में कामयाब रहे. भ्रष्टाचार को लेकर हमारी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है.”  

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हालांकि विपक्ष इस मामले में सरकार पर निशान साधने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अब्दुल हाफिज गांधी ने पीडीएस की गड़बड़ियों को लेकर कहा, ‘राशन की ये उठाईगिरी तो बस ऊंट के मुंह में जीरा है, ये कैसे हो रहा है जबकि सरकार दावा करती है कि आधार नंबर को पीडीएस के लाभार्थियों से सीधे जोड़ा जा चुका है. ये दिखाता है कि भ्रष्टाचार को लेकर कितनी जीरो टॉलरेंस है जिसका बीजेपी ने चुनाव घोषणापत्र में वादा किया था. गांधी ने पीडीएस घोटाले की निष्पक्ष जांच पर जोर देते हुए कहा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए. 

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