नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ योगी सरकार सख्त हो गई है. लखनऊ के गोमतीगर के उजरियाव गांव में तीन दिन से धरने पर बैठीं महिलाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. 5 नामजद और 100 से 125 महिलाओं पर मुकदमा दर्ज किया गया है.
एफआईआर चौकी इंचार्ज हुसैन अब्बास की तरफ से गोमती नगर थाने में दर्ज की गई है. महिलाओं के खिलाफ आईपीसी की धारा 120-बी, 145 और 188 के तहत दर्ज की गई है. धारा 144 के उल्लंघन पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस ने प्रदर्शन रोकने के लिए निषेधाज्ञा लगाई है लेकिन लोगों पर आरोप है कि उसका उल्लंघन करते हुए सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं.
लखनऊ में सीएए के खिलाफ कुछ दिनों से चल रहा है. इसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हो रहे हैं. पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए पहले भी कई महिलाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी और गुरुवार को भी दर्ज की गई. इससे पहले घंटाघर मामले में मुकदमे दर्ज किए गए थे.
जिन महिलाओं पर एफआईआर दर्ज हुए हैं उनमें सन्नो, आसमा सिद्दीकी, बेबी, बुसारा, रुविना अयाज के नाम हैं. पूरे मामले में 100-125 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किए गए हैं. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि निरोधात्मक आदेशों की अवहेलना और की अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है.
लखनऊ के घंटाघर और उजरियाव में और एनआरसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहा है. हालांकि पुलिस ने इसे रोकने के लिए धारा 144 लगाई है लेकिन लोग इससे बेपरवाह अपना प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं. प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना को देखते हुए पुलिस ने मुकदमे दर्ज किए हैं.
कुमार अभिषेक