पद्मावती विवाद पर बोले अखिलेश यादव- 'मैं पड़ी लकड़ी नहीं उठाता'

उल्लेखनीय है कि फिल्म का विरोध कर रही करणी सेना ने फिल्म की रिलीज वाले दिन एक दिसंबर को ही भारत बंद का आह्वान किया है. साथ ही करणी सेना ने धमकी भी दी है कि जिस सिनेमाघर में यह फिल्म लगेगी, उस सिनेमाघर को जला दिया जाएगा .

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अख‍िलेश यादव अख‍िलेश यादव

कुमार अभिषेक

  • लखनऊ,
  • 17 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 2:11 PM IST

यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस की. इसमें उन्होंने पद्मावती फिल्म के विवाद पर कहा- ''फिल्म रिलीज हो या नहीं, मेरा इस पर कोई नजरिया नहीं है. मैं पड़ी हुई लकड़ी नहीं उठाता हूं.'' बता दें, संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती की प्रस्तावित रिलीज डेट नजदीक आते ही विवाद चरम पर पहुंचता जा रहा है. इसको लेकर ने भी केंद्र सरकार को लेटर लिखा है. लेटर में कहा गया है कि फिल्म को लेकर लोग गुस्से में हैं और निकाय चुनाव के मद्देनजर यूपी में फिल्म रिलीज होने से अशांति फैल सकती है.

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करणी सेना का 1 दिसंबर को भारत बंद

उल्लेखनीय है कि फिल्म का विरोध कर रही करणी सेना ने फिल्म की रिलीज वाले दिन एक दिसंबर को ही भारत बंद का आह्वान किया है. साथ ही करणी सेना ने धमकी भी दी है कि जिस सिनेमाघर में यह फिल्म लगेगी, उस को जला दिया जाएगा .

उधर उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने पत्र में कहा है, "चूंकि प्रदेश में इस वक्‍त नगरीय निकायों के चुनाव की प्रक्रिया चल रही है. वोटों की गिनती एक दिसम्‍बर को होगी. अगले दिन बारावफात का पर्व भी होना सम्भावित है, जिसमें पारम्परिक रूप से मुस्लिम समुदाय व्यापक पैमाने पर जुलूस निकालता है. ऐसे में अगर फिल्‍म के खिलाफ कोई प्रदर्शन होने पर प्रदेश में व्यापक पैमाने पर अशांति तथा कानून एवं व्यवस्था भंग होने की स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं. ऐसे में आगामी एक दिसम्बर को फिल्म का रिलीज होना शांति-व्यवस्था के हित में नहीं होगा."

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क्यों है विवाद ?

कई बातों को लेकर विवाद है. आरोपों के मुताबिक फिल्म में अलाउद्दीन खिलजी को महिमामंडित किया गया है. खिलजी और रानी पद्मिनी के बीच ड्रीम सीक्वेंस फिल्माया गया है. रानी पद्मावती को उस तरह दिखाया गया जैसा राजपूत या राजपरिवारों में नहीं होता. घूमर डांस में भी राजपूत समाज की गलत प्रस्तुति हुई. कहा जा रहा कि पुरुषों के सामने रानियां डांस नहीं करती.

ये फिल्म सात सौ साल पहले की एक कहानी पर बन रही है. हिंदी कवि मालिक मोहम्मद जायसी ने पद्मावत लिखी थी. इसमें रानी पद्मिनी और खिलजी का जिक्र है. कुछ लोग गल्प मानते हैं तो वहीं कई लोग इसे ऐतिहासिक कहानी बताते हैं. कहा जाता है कि खिलजी रानी पद्मिनी को लेकर आशक्त था. उसने मेवाड़ पर हमला कर दिया था. रानी पद्मिनी ने 16 हजार राजपूत महिलाओं के साथ जौहर कर लिया था.

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