यूपी चुनाव से पहले राकेश टिकैत का बड़ा ऐलान- किसी नेता के साथ मंच नहीं करेंगे साझा

यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर टिकैत ने कहा, आजकल बुआई का टाइम चल रहा है. जो जैसा बोएगा, वैसी ही फसल काटेगा. राकेश टिकैत मेरठ पहुंचे थे. उन्होंने पीएम मोदी के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का दावा है कि 2022 तक फसल के रेट दोगुने हो जाएंगे.

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फाइल फोटो फाइल फोटो

उस्मान चौधरी

  • मेरठ,
  • 05 नवंबर 2021,
  • अपडेटेड 3:11 PM IST
  • यूपी के मेरठ पहुंचे थे टिकैत, पीएम मोदी पर साधा निशाना
  • टिकैत बोले- जो जैसा बोएगा, वैसा काटेगा

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा ऐलान किया. टिकैत ने कहा, चुनाव का दौर शुरू हो चुका है. लेकिन हम किसी भी नेता के साथ मंच शेयर नहीं करेंगे. उन्होंने कहा, किसान किसी से कमजोर नहीं है. 

जो जैसा बोएगा वैसा काटेगा
यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर टिकैत ने कहा, आजकल बुवाई का टाइम चल रहा है. जो जैसा बोएगा, वैसी ही फसल काटेगा. राकेश टिकैत मेरठ पहुंचे थे. उन्होंने पीएम मोदी के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का दावा है कि 2022 तक फसल के रेट दोगुने हो जाएंगे. अगर जनवरी तक के रेट दोगुने हुए तो लोग वोट इनको दे देंगे और अगर फसलों के रेट दोगुने नहीं हुए तो दूसरों को दे देंगे. 

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कीमतें घटाने की ज्यादा चर्चा है 
महंगाई को लेकर राकेश टिकैत ने कहा कि जितना प्रचार पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम होने पर किया जा रहा है, उतना प्रचार कीमतें बढ़ने पर नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि कीमतें अगर चालीस रुपए बढ़ाकर पांच रुपए कम कर दी गईं, तो कीमतें घटाने की चर्चा ज्यादा है. उन्होंने कहा, सिलेंडर के दाम को लेकर उन्होंने कहा कि कीमतें तीन गुनी हुई हैं.  

कब तक चलेगा आंदोलन? 
इस सवाल के जवाब में राकेश टिकैत ने कहा, हम कहीं नहीं जा रहे. यह देश का किसान आंदोलन छोड़कर कहीं नहीं जाएगा. अगर 5 साल तक सरकार चल सकती है तो यह आंदोलन भी जनता का चुना हुआ आंदोलन है. यह आंदोलन तब तक चलेगा, जब तक भारत सरकार एमएसपी की गारंटी पर कानून नहीं बनाएगी. जब तक यह तीन कानून वापस नहीं होंगे फसलों को लाभकारी मूल्य नहीं मिलेगा यह आंदोलन जारी रहेगा. 

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पीएम के केदारनाथ दौरे पर उठाए सवाल
राकेश टिकैत ने पीएम मोदी के केदारनाथ दौरे पर भी सवाल उठाए. टिकैत ने कहा, जिस देश का राजा मंदिर के दरवाजे बंद कराने जाएगा, उस देश में अकाल पड़ता है, भुखमरी आती है आपदाएं आती हैं. राजा को कपाट खुलने के समय पर जाना चाहिए. दरवाजा बंद कराने राजा को नहीं जाना चाहिए. 

 

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