जेवर में एयरपोर्ट बनाने के लिए काटे जाएंगे 6 हजार पेड़, करोड़ो रुपये खर्च कर लगेंगे 60 हजार पौधे

एयरपोर्ट बनाने के लिए जेवर के 6 गांवों की 1334 हेक्टेयर जमीन के अधीग्रहण की योजना है. इस जमीन पर 6 हजार पेड़ लगे हैं, जिन्हें काटने की मंजूरी दी जा चुकी है. जिसके लिए 3 महीने का समय भी निर्धारित किया गया है.

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जेवर एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहित जमीन (पीटीआई) जेवर एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहित जमीन (पीटीआई)

भूपेन्द्र सोनी / aajtak.in

  • लखनऊ,
  • 12 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 11:23 PM IST

  • जेवर में बनने वाले नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट के लिए 6 हजार पेड़ काटे जाएंगे
  • बदले में 60 हजार पौधे भी लगाए जाएंगे, योगी सरकार करोड़ो रुपये करेगी खर्च

पेड़ काटने को लेकर योगी सरकार ने अभी सोमवार को ही कैबिनेट मीटिंग में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया था. फैसले के मुताबिक अगर किसी को एक पेड़ काटना है तो बदले में उसे दस पौधे लगाने होंगे.

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अभी इस बारे में लोग पूरी तरह से अवगत भी नहीं हुए थे कि एक और नई खबर सामने आई है. जानकारी के मुताबिक ग्रेटर नोएडा के जेवर में बनने वाले नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट के लिए 6 हजार पेड़ काटे जाएंगे. बता दें कि ये पेड़ 1334 हेक्टेयर जमीन पर लगे हैं.   

हालांकि डैमेज कंट्रोल के लिए वन विभाग ने शर्तों के साथ पेड़ कटाई को मंजूरी दी है. वन विभाग ने बताया है कि इन 6 हजार पेड़ों के बदले में 60 हजार पौधे भी लगाए जाएंगे. जिसके लिए राज्य सरकार की तरफ से 30 हेक्टेयर जमीन दी जाएगी.

इतना ही नहीं तीन सालों तक इन पेड़ों के रखरखाव पर, सरकार एक करोड़ 42 लाख 63 हजार रुपये खर्च करेगी.

बता दें कि एयरपोर्ट बनाने के लिए जेवर के 6 गांवों की 1334 हेक्टेयर जमीन के अधीग्रहण की योजना है. इस जमीन पर 6 हजार पेड़ लगे हैं, जिन्हें काटने की मंजूरी दी जा चुकी है. जिसके लिए 3 महीने का समय भी निर्धारित किया गया है.

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एयरपोर्ट के निर्माण का जिम्मा विदेशी कंपनी ज्यूरिख को सौंपा गया है. कंपनी को टेंडर दिए जाने का फैसला यूपी कैबिनेट में पास हो चुका है. वहीं जनवरी के दूसरे सप्ताह में पीएम मोदी द्वारा एयरपोर्ट के शिलान्यास की योजना भी है.

पेड़ काटने को लेकर योगी कैबिनेट ने सोमवार को सुनाया था महत्वपूर्ण फैसला

सोमवार को यूपी सरकार ने कैबिनेट की मीटिंग में महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए कहा कि 10 पौधे लगाए बगैर किसी भी शख़्स को पेड़ काटने की इजाजत नहीं दी जाएगी. यानी एक पेड़ 10 पौधे और 10 पेड़ तो 100 पौधे.

योगी सरकार ने पर्यावरण के दृष्टिकोण से 10 पौधों की पहचान भी की है- पीपल, महुआ, नीम, साल और आम जैसे पौधे. यानी कि बड़े और छाएदार पौधे. योगी सरकार, इस आदेश के बाद स्वच्छ पर्यावरण को सुनिश्चित करना चाहती है.

ओडिशा में काटे गए थे 40 हजार पेड़

बुधवार को ओडिशा के संभलपुर में भी पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है. यहां पर पुलिस तैनाती के बीच 40 हजार से ज्यादा हरे-भरे पेड़ काटे गए.

40 हजार से ज्यादा पेड़ों की कटाई नेवेली लिग्नाइट कॉरपोरेशन (NLC) ने की है. नेवेली लिग्नाइट कॉरपोरेशन (NLC) कंपनी यहां कोयले की खदान बनाना चाहती है इसलिए उसने 40 हजार से ज्यादा पेड़ काट डाले.

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मुंबई में आरे के जंगलों की कटाई पर हुआ था बवाल

मुंबई के आरे क्षेत्र में मेट्रो कार शेड प्रस्तावित है. इसके लिए आरे के जंगलों के 2,700 पेड़ काटे जाने तय किए गए थे. इस वजह से स्थानीय लोग पेड़ों की कटाई का विरोध कर रहे थे. लता मंगेशकर, अभिनेत्री श्रद्धा कपूर समेत कई हस्तियों ने पेड़ काटने का विरोध किया.

हालांकि बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा मुंबई के आरे कॉलोनी को जंगल घोषित करने की सभी याचिकाओं को खारिज करने के बाद पेड़ काटने का काम तेजी से शुरू हुआ. जब तक मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और अदालत ने पेड़ों की कटाई पर रोक लगाई, तब तक तय पेड़ लगभग काटे जा चुके थे. 

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